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वाहन से सतलुज नदी तक पड़े खून के धब्बों ने खड़े किए कई सवाल

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सांगला (किन्नौर)। पूह खंड के भगत नाले के पास से रेत ले जाने को लेकर हुई बहस के बाद लापता युवा सोनम का अभी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया है। वहीं बुधवार को खनन माफिया के खिलाफ पूह थाने और एडीएम ऑफिस के बाहर आठ गांव से आए लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सीबीआई से इस मामले की जांच की मांग की है।
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एडीएम ऑफिस और पुलिस थाना पूह के बाहर टाशीगंग, नमज्ञा, डुबलिंग, खाब, नाको, मालिंग और लियो से पहुंचे ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि रसूखदार और प्रदेश सरकार में उच्च प्रशासनिक अधिकारी राज्य की जांच एजेंसी और पुलिस के कार्य को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने खनन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि खनन माफिया यहां काफी समय से सक्रिय है, जिसे रोकने के लिए सरकारी तंत्र कोई प्रयास नहीं कर पाया है। इसी के चलते इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए।
डीएसपी हेडक्वार्टर विपिन कुमार ने बताया कि स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम मामले की जांच कर रही है। लापता युवक की तलाश के लिए क्यूआरटी, होमगार्ड के जवान, टाशीगंग, नमज्ञा, खाब और पूह के ग्रामीण जुटे हुए हैं। सतलुज नदी के किनारे लापता युवक की तलाश की जा रही है।
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पुलिस को नहीं मिला कोई सुराग
वहीं युवक की हत्या हुई है या नहीं, इस बारे में पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन जिस तरह से खून के धब्बे गाड़ी से लेकर सतलुज नदी के किनारे तक पाए गए, इसी कारण खाब गांव के लोग इसे हत्या मान रहे हैं।
सात सितंबर को सोनम पर हुआ था हमला
बीते 7 सितंबर को सोनम जो अपने मजदूरों के साथ सतलुज नदी से रेत लेने गया था, तो खनन माफिया ने उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद से सोनम लापता है, जबकि उसकी गाड़ी रास्ते में ही खड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सोनम की गाड़ी को रोकने के लिए माफिया ने बड़े-बड़े पत्थरों से रास्ता बंद किया था, जैसे ही गाड़ी रुकी तो हमलावर सोनम और उसके मजदूरों पर टूट पड़े। इस बीच मजदूर भागने में सफल हुए, लेकिन सोनम उनके चंगुल से नहीं बच सका।
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