अदालत ने 3.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
आरोपी ने दोस्त से लिया था 2.50 लाख रुपये का ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 1 शिमला ने चेक बाउंस के मामले में एक व्यक्ति को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 3,75,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी ने अपने दोस्त से 2.50 लाख रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज उतारने के लिया दिया चेक बाद में बाउंस हो गया। कर्ज की राशि वापस न मिलने पर अदालत में मामले की शिकायत की गई।
शिकायतकर्ता शिमला के इंद्र सिंह और आरोपी मंडी के चुन्नी लाल एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे। मई 2018 के आरोपी ने शिकायतकर्ता से 2.50 लाख रुपये का ऋण लिया। आरोपी ने शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया कि वह चार महीने के अंदर रकम चुका देगा। सितंबर 2018 में आरोपी ने अपनी देनदारी चुकाने के लिए शिकायतकर्ता के नाम पर 2.50 लाख रुपये का चेक जारी किया, जो बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने अक्तूबर 2018 को आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा। आरोपी से लीगल नोटिस मिलने के 15 दिनों के अंदर भुगतान करने का अनुरोध किया। हालांकि आरोपी तय समय के अंदर बकाया रकम का भुगतान करने में विफल रहा। इसके बाद मामले की शिकायत की गई। अदालत ने आरोपी के खिलाफ संज्ञान लिया। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और ट्रायल की मांग की। शिकायतकर्ता के सबूत का सार आरोपी को विस्तार से बताया गया। आरोपी ने अपने बचाव में कोई सबूत पेश नहीं किया। अदालत ने फैसला दिया है कि आरोपी को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दंडनीय अपराध करने के आरोप में दोषी ठहराया जाता है। दोषी को छह महीने के साधारण कारावास और 3,75,000 रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई जाती है। जुर्माना न भरने में की स्थिति में दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।