रामपुर बुशहर। पंजाब के चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला से जनजातीय जिला किन्नौर पहुंचे 89 छात्रों और अन्य लोगों में से स्वास्थ्य विभाग ने रैंडम सैंपल लेकर आईजीएमसी शिमला भेजे थे। इनमें से 17 लोगों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है, वहीं एक सैंपल की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। राहत की बात है कि किन्नौर जिले में कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस को लेकर लगाए गए लॉकडाउन के कारण चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में किन्नौर जिले के करीब 89 विद्यार्थी और अन्य लोग फंस गए थे, जिन्हें जिला प्रशासन ने किन्नौर पहुंचाया है। बुधवार को इनमें से संदिग्ध या फिर हल्की बीमारी की चपेट में आए करीब 18 लोगों के प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने रैंडम सैंपल लिए थे, जिन्हें इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला भेजा गया था। इनमें से 17 लोगों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि एक व्यक्ति का सैंपल रिपोर्ट दोबारा आएगी। जिले के लोग अब इस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। पहले जहां इन लोगों को प्रशासन ने चिन्हित क्वारंटीन केंद्रों में रखा गया था, अब इनकी रिपोर्ट निगेटिव आने पर प्रशासन ने इन लोगों को घर जाने की अनुमति दे दी है, लेकिन अन्य लोगों की तरह इन लोगों को भी 14 दिन तक होम क्वारंटीन की अवधि पूरी करनी होगी। इसके बाद ही ये लोग घरों से बाहर निकल पाएंगे। इन लोगों की निगरानी का जिम्मा स्थानीय पंचायत प्रधान और जन प्रतिनिधियों पर रहेगा।
उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने कहा कि ट्राई सिटी चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला से किन्नौर पहुंचे 89 विद्यार्थियों और अन्य लोगों के 18 रैंडम सैंपल लिए गए, जिनमें से 17 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार इन सभी को घर भेजा जाएगा, जहां उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन में रखा जाएगा। इन लोगों की निगरानी को लेकर भी प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं।