रामपुर बुशहर। कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत जिला शिमला के हॉट स्पॉट बने रामपुर में मामले दिन प्रतिदिन रफ्तार पकड़ रहे हैं। स्थिति ऐसी बन गई है कि रोजाना एक संक्रमित की मौत हो रही है। संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामले बीते सात माह में की गई सारी मेहनत पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने संक्रमित आने वाले परिजनों और करीबियों के घर-द्वार पर कोरोना टेस्ट लेने का निर्णय लिया है।
रामपुर में मंगलवार को मास्क न पहनने वाले करीब 20 लोगों के चालान किए गए। गौरतलब है कि उपमंडल में कोरोना संक्रमित आने वाले लोगों की ओर से अपने प्राथमिक संपर्क छुपाने के मामले सामने आ रहे थे। प्रारंभिक संपर्क न मिलने से प्रशासन को कांटेक्ट ट्रेसिंग करना मुश्किल हो गया था। लेकिन, अब प्रशासन ने कोरोना संक्रमित आने पर संक्रमित के परिजन और नजदीकियों की कोरोना जांच करने का निर्णय लिया है। वहीं, रामपुर में कोरोना संक्रमण के जो मामले सामने आ रहे हैं, उनमें से करीब 40 प्रतिशत मामले आनी, निरमंड, कुमारसैन, कोटगढ़ और किन्नौर जिले से संबंधित हैं। इसका एक कारण रामपुर का खनेरी अस्पताल है, जहां चार जिलों से लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। रामपुर बाजार में आने वाले लोगों की संख्या में पहले की अपेक्षा काफी बढ़ोतरी हुई है। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि यदि मास्क न पहनने पर दूसरी बार चालान होता है तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया जाएगा। एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने कहा कि कोरोना संक्रमित आने पर लोग अपने प्राथमिक संपर्क छिपा रहे हैं, जिसे देखते हुए ऐसे लोगों के परिजनों के घर-द्वार पर कोरोना जांच की जा रही है। बुधवार को नगर परिषद के खनेरी क्षेत्र में जांच की गई, जो वीरवार को भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि रामपुर में पेश आने वाले करीब 40 प्रतिशत मामले आनी, निरमंड, किन्नौर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के नियमों की अवहेलना करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।