रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर के कार्यवाहक उपायुक्त अश्वनी कुमार ने कहा कि कोविड-19 के दौरान जिले के सभी पंचायत प्रधान और वार्ड सदस्यों को निगरानी व्यक्ति, जबकि पंचायत सचिवों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिले की सभी पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्र में बाहर से आने वाले लोगों और मजदूरों का पंजीकरण करना अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार अब चौरा पुलिस बैरियर से स्वस्थ कर्मचारियों और पंजीकरण करने वाले अधिकारियों को वापस बुला लिया गया है। यहां तक कि गांव के परिवार के सदस्य या रिश्तेदार अपने गांव में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें भी ग्राम पंचायत के रजिस्टर में अपनी एंट्री करवाना अनिवार्य होगा। पंचायत सचिव और सहायक को इस आदेश के अनुसार कोविड-19 का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें ग्राम पंचायत की ओर से बाहर से गांव आने वाले की एंट्री रजिस्टर को चेक करने का अधिकार दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जिले के पंचायत प्रधानों और वार्ड सदस्यों को हिदायत दी गई है कि उनके गांव में बाहरी व्यक्ति प्रवेश करता है तो उन्हें 24 घंटे के भीतर ही आशा वर्कर और स्वास्थ्य कर्मचारी को सूचना देना अनिवार्य होगा। प्रदेश के बाहर से आने वाले लोगों को ग्रामीण स्तर पर 10 दिन का होम क्वारंटीन की सुविधा देनी होगी। आशा वर्कर और स्वास्थ्य कर्मचारियों को ग्राम पंचायत प्रधान और वार्ड सदस्यों की ओर से दी गई सूचना पर तत्काल जाकर होम क्वारंटीन की सुविधाओं का जायजा लेना होगा। यदि यहां सुविधाओं का अभाव होता है तो पंचायत प्रधान को तुरंत संस्थागत क्वारंटीन करके संबंधित एसडीएम को सूचना देनी होगी। क्वारंटीन रहने वाले व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच और कोविड-19 टेस्ट स्थानीय आशा वर्कर और स्वास्थ्य कर्मचारी की ओर से किया जाएगा। यदि व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे तुरंत होम आइसोलेट और जिला प्रशासन की ओर से डेडिकेटिड कोविड केयर सेंटर भेजने की व्यवस्था होगी। अश्वनी कुमार ने बताया कि वार्ड सदस्य को अपने वार्डों में रखे गए होम क्वारंटीन व्यक्ति पर निगरानी रखनी होगी। यदि कोई उल्लंघन करते पाया जाता है तो पंचायत प्रधान को तुरंत सूचित करना होगा। इसके बाद एसडीएम और बीडीओ को इसकी सूचना देनी होगी। नियमों की उल्लंघना करने वाले पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।