नेरवा। उपमंडल चौपाल अब तक भले ही कोरोना के कहर से अछूता हो लेकिन नेरवा में लंबे अरसे से रह रहे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई व्यापारी और ट्रक-पिकअप के चालक कभी भी यहां पर लोगों के लिए कोरोना के रूप में मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। पड़ोसी राज्यों के इन लोगों ने नेरवा में कमरे किराये पर ले रखे हैं और वे वाहन चलाने समेत सब्जी आदि का कारोबार करते हैं। ये लोग विभिन्न राज्यों की मंडियों में जाकर वापस आने पर न केवल खुलेआम बाजार में घूमते हैं बल्कि बाहरी क्षेत्रों से आ रहे इनके संबंधी और जानने वाले लोग भी इनके पास आकर एक साथ रहते हैं। कथित तौर पर कई लोग तो एक बार 48 घंटे की अनुमति लेकर एक हफ्ते तक तीन चार राज्यों में घूम चुके हैं। उत्तराखंड और यूपी के इनमें से अधिकांश लोगों ने डुंडी मंदिर और मस्जिद के समीप कमरे किराये पर ले रखे हैं। कुछ दिन पहले भी नेरवा से एक दर्जन से अधिक लोग यूपी में एक विवाह समारोह में भाग लेने गए थे। इन लोगों को वापसी पर न तो क्वारंटीन किया गया और न ही इन का कोई मेडिकल चेकअप किया गया। यूं तो प्रशासन ने सेब और टमाटर लेकर अन्य राज्यों में जा रहे चालकों के लिए कॉलेज ग्राउंड में वाहन पार्क करने और इनके रहने आदि की व्यवस्था की गई है, लेकिन बाहरी राज्यों के कुछ व्यापारी और चालक प्रशासन की व्यवस्था को ठेंगा दिखा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों को तोड़ने वाले बाहरी राज्यों के कुछ लोगों पर प्रशासन ने जल्द नकेल नहीं कसी तो यहां पर कभी भी कोरोना खतरा बन सकता है।
तहसीलदार नेरवा अरुण कुमार ने कहा कि बाहरी सब्जी मंडियों से आने वाले चालकों और व्यापारियों के ठहरने के लिए अलग से स्थान चिन्हित किए गए हैं। यदि कोई भी प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।