रोहड़ू (नेरवा)। उपमंडल चौपाल से कोरोना पॉजिटिव पाए गए युवकों के परिजनों ने ठियोग प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि प्रशासन सावधानी बरतता तो ये युवक संक्रमण की चपेट में न आते। गौरतलब है कि महाराष्ट्र से लौटे सातों युवकों को पहले जवाहर नवोदय विद्यालय ठियोग में रखा गया। इसके बाद युवकों की आपत्ति पर इन्हें देहा रेस्ट हाउस शिफ्ट कर दिया गया। यहां पर रविवार को तीन और सोमवार को दो युवकों के कोरोना सैंपल पॉजिटिव पाए गए थे। युवकों के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि हो सकता है कि इनमें से कोई एक पहले से ही संक्रमित हो, लेकिन प्रशासन की लापरवाही से अन्य युवक भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। उन्होंने कहा कि पहले तो महाराष्ट्र से लौटे सातों युवकों को जिस ज्वाहर नवोदय विद्यालय ठियोग में रखा गया वह स्कूल पहले तो सर्दियों की तीन माह तक छुट्टियों की वजह से बंद था। उसके बाद लॉकडाउन के कारण यह मार्च से बंद पड़ा था। इसमें गंदगी का आलम था और शौचालय भी काफी गंदे थे। बिस्तर भी साफ नहीं थे। इसके बाद जिला प्रशासन से अभिभावकों की शिकायत पर इन्हें दूसरे ही दिन देहा शिफ्ट कर दिया गया। देहा में भी प्रशासन ने लापरवाही बरतते हुए इन्हें एक साथ रखा। अभिभावकों का आरोप है कि लापरवाही का आलम यह था कि क्वारंटीन किए गए युवकों को पीने के लिए गर्म पानी तक उपलब्ध नहीं करवाया गया। एसडीएम ठियोग केके शर्मा ने बताया कि ठियोग में इन सभी को एक बड़े हॉल में उचित दूरी पर ठहराया गया था। इनकी शिकायत आने पर वहां पर सफाई भी करवा दी गई थी। इनके आग्रह पर ही इन्हें देहा शिफ्ट किया गया था। इनको बता दिया गया था कि वहां पर मात्र तीन ही कमरे हैं। इसके बावजूद ये सातों युवा वहां पर रहने को तैयार हो गए थे। इनमें से दो सगे भाई हैं। प्रशासन की ओर से कोई भी लापरवाही नहीं बरती गई है।