रोहड़ू। वन विभाग बशला रेंज ने सोमवार को राजकीय उच्च विद्यालय बशला में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बशला पंचायत के प्रधान बिनीत मेहता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विद्यार्थियों के लिए वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर चित्रकारी प्रतियोगिता भी करवाई गई। विद्यार्थियों ने अपनी चित्रकारी के माध्यम से वन्यजीवों की सुरक्षा, जंगलों के संरक्षण और प्रकृति के महत्व का संदेश दिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को वन विभाग की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। रेंज अधिकारी दीपिका चंदेल ने वन्यजीव संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वन्यजीव प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। इनके संरक्षण के बिना पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना संभव नहीं है। दीपिका चंदेल ने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने परिवार और समाज को भी वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रेरित करने को कहा। मुख्य अतिथि बिनीत मेहता ने कहा कि वन और वन्यजीवों की रक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने बताया कि जंगल स्वच्छ हवा, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का आधार हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई। बिनीत मेहता ने विद्यार्थियों की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों में कम उम्र से ही प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना आवश्यक है। जंगल हमारी प्राकृतिक संपदा हैं। ये स्वच्छ हवा और जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।