भूमि देने को तैयार नहीं हुए ग्रामीण, प्रधानमंत्री सड़क योजना में बजट मिलने पर जनप्रतिनिधियों ने नहीं ली सुध
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहड़ू के विकास खंड छौहारा का आखिरी गांव तांगणू अभी तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क के लिए सरकार ने धन का प्रावधान किया, लेकिन ग्रामीण अपनी भूमि देने को तैयार नहीं हुए। लंबे समय तक काम लटका रहने के बाद अब लोक निर्माण विभाग ने निर्माण एक किलोमीटर पहले बंद कर दिया है। यहां से चुने गए जनप्रतिनधियों ने इस सड़क को बनाने के लिए ग्रामीणों के बीच मध्यस्थता करने में रुचि नहीं दिखाई। जांगलिख पंचायत के सभी गांव को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माण करीब पंद्रह साल पहले लोक निर्माण विभाग ने शुरू करवाया। साढ़े पांच किलोमीटर सड़क का निर्माण तांगणू से जांगलिख तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना स्टेज एक के तहत होना था। इस सड़क पर सुंदरू खड़ड़ में एक पुल का निर्माण भी प्रस्तावित था। पर्याप्त बजट के बाद इस सड़क का निर्माण कई सालों तक विभाग व ठेकेदार के बीच तालमेल की कमी से लटका रहा। आखिर जब सड़क गांव के नजदीक पहुंची, ताे पता चला कि जहां से विभाग ने सड़क का सर्वे किया है, वहां से गांव के साथ वाली भूमि लोगों की मलकीयत है। नियम के अनुसार बजट उपलब्ध होने से पहले लोक निर्माण विभाग को सड़क की पूरी भूमि की क्लीयरेंस लेनी जरूरी होती है। करीब पंद्रह साल का समय निकल गया। सड़क के लिए मंजूर बजट के बाद विभाग को सड़क का निर्माण करीब एक किलोमीटर पहले बंद करना पड़ा है, लेकिन करीब साढ़े चार किलोमीटर तैयार सड़क पर तक अभी तक भी वाहन नहीं पहुंच रहे हैं। इसका कारण जांगणू जांगलिख के बीच खड्ड पर पुल का निर्माण नहीं किया गया। अब चर्चा चल रही कि इस दूरदराज गांव से वोट वसूलने के बाद नेताओं ने सड़क निर्माण को पूरा करवाने में पंद्रह सालों से रुचि नहीं दिखाई।
तांगणू से जांगलिख के बीच करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी सड़क बन चुकी है। उससे आगे भूमि उपलब्ध न होने के करण करीब एक किलोमीटर सड़क की लंबाई कम करना पड़ी है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना स्टेज चार के तहत इस सड़क का निर्माण पूरा करवाने की योजना बनाई है। नाले में खड्ड पर पुल के टेंडर हो चुके हैं। उसका निर्माण भी शुरू किया जा रहा है। विजय ठाकुर, एसडीओ लोनिवि चिड़गांव उपमंडल