आनी में ब्लॉक कांग्रेस की बैठक में मौजूद पदाधिकारी और कार्यकर्ता। स्रोत: कांग्रेस
आनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हुई बैठक
आनी (कुल्लू)। आनी के लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में वीरवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। अध्यक्षता पूर्व एपीएमसी चेयरमैन एवं पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष यूपेंद्र कांत मिश्रा ने की। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के नाम और स्वरूप में बदलावों को लेकर कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि योजना का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी करने का प्रयास किया जा रहा है, जो योजना की मूल भावना के विपरीत है। यूपेंद्र कांत मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2006 में तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने ग्रामीणों को रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से कानून लागू किया था। मनरेगा योजना ने गांवों से हो रहे पलायन को रोकने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और गरीब परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार योजना को धीरे-धीरे कमजोर करने की दिशा में कदम उठा रही है। पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी परस राम ने कहा कि मनरेगा देश के गरीब और मजदूर वर्ग के लिए एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना से छेड़छाड़ ग्रामीण भारत की जीवन रेखा को कमजोर करने के समान है। कांग्रेस पार्टी मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। बैठक में भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में जनजागरण अभियान और चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर यूथ कांग्रेस अध्यक्ष विजय ठाकुर, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा वर्मा, कुकी ठाकुर, गुड्डी देवी, एडवोकेट दलीप जोशी, किशोरी लाल, ओम प्रकाश, रमेश ठाकुर, ओपी चौहान सहित पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।