रोहड़ू। प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि कांग्रेस सरकार की ओर से केंद्र सरकार से 15वें वित्त आयोग के तहत जिला परिषदों को मिली धनराशि को वापस मांगा जा रहा है। यह बात थरोला वार्ड के पूर्व जिला परिषद सदस्य अनिल काल्टा ने कही। काल्टा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 15वें वित्त आयोग के माध्यम से पंचायतों और जिला परिषदों को सशक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। यह पहल सराहनीय है और इससे गांव-गांव में विकास कार्यों को मजबूती मिल रही है। अनिल काल्टा ने बताया कि प्रदेश भर के जिला परिषद सदस्यों ने स्कीम वार अपनी अनुशंसा देकर अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए इस धनराशि का आवंटन करवाया था। ऐसे में अब इस राशि को वापस लेने का निर्णय जनहित के खिलाफ प्रतीत होता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का यह कदम तर्कसंगत नहीं है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि 15वें वित्त आयोग के तहत आवंटित धनराशि को यथावत रखा जाए, ताकि आम जनता को इसका पूरा लाभ मिल सके।