चौपाल (रोहड़ू)। चौपाल क्षेत्र में बगीचों में कुछ किसान अपशिष्ट जला रहे हैं, जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता विशाल चौहान ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को एक शिकायत याचिका भेजी है, जिसमें इस समस्या पर संज्ञान लेने की गुहार लगाई है। विशाल चौहान ने बताया कि नवंबर से शुरू हुआ बगीचों में अपशिष्ट जलाने का सिलसिला फरवरी तक जारी रहता है। स्थिति इतनी विकराल हो गई है कि तहसील चौपाल के चारों ओर धुएं के गुबार दिखाई देते हैं। यह न केवल आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है, बल्कि अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए भी खतरनाक है। शिकायत में वनों और वन्यजीवों पर आग लगने के गंभीर प्रभावों का भी उल्लेख किया गया है। विशाल चौहान के अनुसार, बगीचों में लगाई गई आग कई बार अनियंत्रित होकर आसपास के जंगल में फैल जाती है। यह आग देवदार और अन्य महत्वपूर्ण पेड़-पौधों के साथ क्षेत्र में रहने वाले पक्षियों, जानवरों और अन्य जीवों के लिए खतरा पैदा करती है, जिससे स्थानीय जैव-विविधता प्रभावित होती है।