ठियोग में स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे सड़क के किनारे क्लीनिक और टैटू का चल रहा कारोबार
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जड़ी-बूटी और तेल से इलाज का दावा, एक ही सुई से बना रहे टैटू, संक्रमण का बड़ा खतरा
सुनील ग्रोवर
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग उत्सव के खत्म होने के बाद व्यापारिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। वहीं, कारोबार की आड़ में कई नीम हकीमों ने धंधा जमाया हुआ है। बाहरी राज्यों से आए कथित झोलाछाप डॉक्टर प्रेम घाट चौक से पेट्रोल पंप और पुराने बस अड्डे की सड़क पर बैठकर खुलेआम लोगों का उपचार करने में जुटे हैं। वहीं, सड़क के किनारे टैटू बनाने वालों ने भी अपना डेरा जमा रखा है। हैरानी की बात यह है कि जिस रास्ते से विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रोजाना गुजरते हैं, वहीं ये गतिविधियां चल रही हैं और अभी तक ऐसे नीम हकीमों पर कार्रवाई नहीं हुई है। कई कथित झोलाछाप लोगों को जंगली जड़ी-बूटियों, तेल और घरेलू नुस्खों के जरिये गंभीर बीमारियों का इलाज करने का दावा कर रहे हैं। बीमारी से परेशान लोग इनके दावों के झांसे में आकर उपचार करवा रहे हैं। यदि इनके पास इलाज की वैध योग्यता या अनुमति नहीं है, तो सवाल उठता है कि विभाग इन पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा? वहीं, सड़क के किनारे बड़ी संख्या में टैटू बनाने वाले भी बैठे हैं। कुछ स्थानों पर एक ही सुई का इस्तेमाल कई लोगों के टैटू बनाने में किया जा रहा है। यदि सुई को हर व्यक्ति के लिए बदला और उचित तरीके से निष्फल नहीं किया जाता, तो रक्त के जरिये संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में यह महज सड़क के किनारे कारोबार या अतिक्रमण का मामला नहीं, बल्कि सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक चिकित्सक की अगुवाई में टीम ने 26 टैटू करने वालों के आधार कार्ड नंबर और फोटो खींच कर उचित दस्तावेजों की सूची तैयार कर की है। इसे वीरवार को एसडीएम प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के पास इससे अधिक कोई भी अधिकार नहीं है। - डॉ. राजेंद्र टेकटा, बीएमओ, मतियाना खंड
कार्रवाई के बाद फिर सज जाती हैं दुकानें
प्रशासन पहले भी इन तहबाजारियों और कथित झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। कुछ समय के लिए सड़कें खाली हुईं, लेकिन ठोस और स्थायी व्यवस्था के अभाव में फिर वही गतिविधियां शुरू हो गईं। सवाल यह है कि यदि कार्रवाई के बाद कुछ ही समय में दोबारा दुकानें सज जाती हैं, तो क्या कार्रवाई केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है? जरूरत नियमित निरीक्षण, योग्यता व अनुमति की जांच और स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों की सख्त निगरानी की है।