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नौकरी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने पर इंजीनियर हुआ बेहोश

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भावानगर (किन्नौर)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौर में जहां कंपनियों से अपने कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकालने की अपील कर रहे हैं। वहीं इसका उल्ट किन्नौर में बिजली उत्पादन क्षेत्र में कार्य कर रही जेएसडब्लयू कंपनी कड़छम-वांगतू और बास्पा परियोजना प्रबंधन कर रहा है। कंपनी प्रबंधन पर आरोप लगाया जा रहा है कि बिना नोटिस के कड़छम-वांगतू और बास्पा परियोजना में कई वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को जबरन नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
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मामले ने आज तब तुल पकड़ा, जब परियोजना प्रबंधन ने बास्पा पावर हाउस में पिछले लगभग 15 साल से सेवाएं दे रहे इंजीनियर केडी मेहता को जबरन एचआर कार्यालय में बुलाकर नौकरी से इस्तीफा लेने के लिए हस्ताक्षर करने को मजबूर किया गया। नौकरी जाते देख 52 वर्षीय इंजीनियर केडी मेहता वहीं पर बेहोश हो गया। उसे जेएसडब्यलू के छौलतू अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया।
इसकी सूचना मिलते ही कंपनी में कार्यरत श्रमिक और इंजीनियर तुरंत जेएसडब्लयू के छौलतू अस्पताल में पंहुच गए और परियोजना प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रबंधन ने जिन 12 श्रमिकों को बिना किसी कारण के बाहर निकाला है, उन्हें तुरंत वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। अस्पताल में उपचाराधीन इंजीनियर केडी मेहता ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को पावर हाउस से प्रबंधन ने गाड़ी में छौलतू कार्यालय में लाया गया और जबरन इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। कार्यालय में उन्हें कई घंटे तक नौकरी से इस्तीफा देने के लिए प्रताड़ित किया गया। शनिवार सुबह उन्हें फोन कर फिर से 11 बजे तुरंत कार्यालय में बुलाया। जैसे ही कार्यालय पहुंचे तो फिर से नौकरी से इस्तीफा देने के लिए प्रताड़ित किया गया, जिस कारण बेहोश होकर वहीं पर गिर गए। अब मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया है। वर्कर यूनियन के नेताओं ने कहा कि जेएसडब्ल्यू प्रबंधन ने इंजीनियर केडी मेहता को नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया, जिससे वह कंपनी के ऑफिस में ही बेहोश हो गए और छौलतू अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वर्कर यूनियन ने कंपनी को दो टूक कहा है कि किसी कर्मचारी को जबरन नौकरी से नहीं निकाले और कंपनी ने हाल ही में जिन 12 लोगों को नौकरी से निकाला है, उन्हें वापस लें अन्यथा कंपनी के खिलाफ उग्र आंदोलन होगा। कंपनी के एचआर ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
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