17 जुलाई को झाकड़ी, रामपुर निरमंड और दत्तनगर में होगा प्रदर्शन
बोर्ड और निगम कर्मियों की ओपीएस बहाल करे सरकार : कुलदीप
चाटी में सीटू समन्वय समिति की बैठक में कई मुद्दे गरमाए, रणनीति की तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। केंद्र सरकार की मजदूर, किसान, कर्मचारी और जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ सीटू जन आंदोलन छेड़ेगी। राज्य कमेटी के आह्वान पर सीटू रामपुर समन्वय समिति की ओर से 17 जुलाई को झाकड़ी, रामपुर, निरमंड और दत्तनगर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
शनिवार को सीटू समन्वय समिति रामपुर की बैठक नीलदत्त शर्मा की अध्यक्षता में किसान मजदूर भवन चाटी में हुई। बैठक में कई मुद्दों पर मंथन किया गया और आगामी रणनीति तैयार की गई। बैठक में जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह और समन्वय समिति संयोजक रणजीत ठाकुर ने मांग उठाई कि मजदूरों का न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये किया जाए। वहीं बैठक में नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन, अग्निवीर, आयुद्धवीर, ईपीएफ, ईपीएस, ईडीएलआई सुविधा की अवहेलना करने पर सजा शर्तों में कटौती करने, केंद्रीय और प्रदेश सरकार के बोर्ड व निगम कर्मियों की ओपीएस बहाल करने, न्यूनतम पेंशन 9 हजार लागू करने, आंगनबाड़ी, आशा, मिड -डे मील कर्मियों को नियमित करने, उन्हें न्यूनतम वेतन देने, सामाजिक सुरक्षा देने, मनरेगा व निर्माण मजदूरों के श्रमिक कल्याण बोर्ड से आर्थिक लाभ व पंजीकरण सुविधा बहाल करने, एसटीपी मजदूरों के लिए शेडयूल एम्प्लॉयमेंट घोषित करने, आउटसोर्स व अस्पताल कर्मियों के लिए नीति बनाने, औद्योगिक मजदूरों को 40 प्रतिशत अधिक वेतन देने, तहबाजारी को उजाड़ने के खिलाफ, काम के घंटे आठ से बढ़ाकर 12 घंटे करने के खिलाफ, स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिशों को लागू करने, निर्माण और बीआरओ मजदूरों का श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण व आर्थिक लाभ बहाल करने, आउटसोर्स कर्मियों के लिए नीति बनाने, महंगाई पर रोक लगाने और किसानों का कर्जा मुक्त करने सहित अन्य मांगों को लेकर सीटू की ओर से राज्य कमेटी मजदूरों और जनता के बीच जाने का फैसला लिया गया। मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय भी लिया गया।
इस मौके पर काम राज, दिनेश मेहता, राजपाल भंडारी, सतीश, हेमराज, सुनील जिश्टू, सूरज, सुनील, सुखराम, मंजीत, विक्रम, मंजू, ललिता, नीमू, सन्नी राणा, संजीव, योग राज, राजबब्बर, अमर ठाकुर और दीप राम सहित अन्य मौजूद रहे।