संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर( किन्नौर)।
कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के भूमिहीन लोगों के लिए वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत शीघ्र ही भूमि भी उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि भूमिहीन व्यक्ति के पास उसकी अपने नाम की जमीन हो। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने मंगलवार को छोल्टू स्थित वन विश्राम गृह के प्रागंण में विश्व के पहले जीयोथर्मल तकनीक से बनने जा रहे सीए स्टोर की आधारशीला रखी। इस दौरान जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम-2006 तत्कालीन मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार की देन है। उन्होंने इस कानून को लागू किया था। इसके अलावा जनजातीय जिला के उपेक्षित वर्गों के उत्थान और विकास के लिए प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है हैं और सभी को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में प्रदेश सरकार अग्रसर है। राजस्व मंत्री ने आइसलैंड देश के राजदूत के स्वागत में उनका आभार व्यक्त किया और उन्हें जनजातीय जिला किन्नौर की समृद्ध संस्कृति से सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से अवगत करवाया। कैबिनेट मंत्री ने महादेव खेल एवं सांस्कृतिक क्लब पोवारी को सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रस्तुत करने के लिए 25 हजार रुपये की राशि और आइसलैंड देश के राजदूत बेनेडिक्ट हॉस्कुलडसन ने 15 हजार रुपये की राशि प्रदान की।
लकड़ी के डिपो का लोकार्पण
इससे पूर्व राजस्व मंत्री ने टापरी स्थित वन विश्राम गृह छोल्टू में बने लकड़ी के डिपो का लोकार्पण किया। इस दौरान मंत्री ने कहा कि इस डिपो के बन जाने से अब क्षेत्र के लोगों के बालन की समस्या समाप्त होगी और लोगों को घर-द्वार पर लकड़ी उपलब्ध होगी।