अस्पताल में डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ के 10 पद पड़े रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर(कुल्लू)। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के वादे हर चुनाव में उठते हैं और घोषणाओं से ग्रामीणों को उपचार सुविधा देने के प्रलोभन दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्वास्थ्य सुविधाओं को सच कुछ और ही है। उपतहसील नित्थर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का हाल भी ऐसा ही है। यह अस्पताल कई महीनों से बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे चल रहा है। अस्पताल में डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ के पद रिक्त होने से स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के हजारों ग्रामीणों का स्वास्थ्य इस अस्पताल पर निर्भर है। ग्रामीणों ने पंचायतों से प्रस्ताव पास कर चुनाव आयोग से अस्पताल में डॉक्टर तैनात करने की मांग उठाई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर और गैर जरूरी स्वास्थ्य कर्मियों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिसको लेकर नित्थर, लोट, दुराह, पलेही, देहरा, शिल्ली पंचायतों के अलावा एक्स सर्विस मैन यूनियन आउटर सिराज की नित्थर इकाई ने चुनाव आयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की तैनाती करने के जनहित में आदेश जारी करने की मांग की है। इन पंचायतों ने बकायदा सदन में प्रस्ताव पारित कर सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम आनी के माध्यम से प्रस्ताव भेजकर चुनाव आयोग से गुहार लगाई है।
सभी अहम पद खाली
अस्पताल में चिकित्सकों सहित सभी अहम पद रिक्त हैं। क्षेत्र की आठ पंचायतों के हजारों ग्रामीणों का स्वास्थ्य एक बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले चल रहा है। अस्पताल में एक मेडिकल ऑफिसर, एक डेंटल मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, सीनियर लैब टेक्नीशियन, डेंटल मेकैनिक, स्टाफ नर्स, चालक, ट्रेंड दाई, चतुर्थ श्रेणी कर्मी और सफाई कर्मियों के कुल 11 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से दस पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं।
आचार संहिता लगने पर रुकी डॉक्टर की तैनाती
करीब डेढ़ माह पहले यहां से एक मात्र डॉक्टर का तबादला हो गया था और मनाली अस्पताल में तैनात डॉक्टर के तबादला आदेश नित्थर अस्पताल के लिए हुआ, लेकिन इतने में आदर्श चुनाव आचार संहिता लग गई और तबादला आदेश पर रोक लग गई है। ऐसे में डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मी न होने के कारण ग्रामीणों को छोटी सी बीमारी होने पर भी रामपुर और शिमला के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने चुनाव आयोग से गुहार लगाई है कि अस्पताल में रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। खासकर, एक डॉक्टर की तैनाती होना बहुत जरूरी है ताकि ग्रामीणों को घरद्वार पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
यह चुनाव आयोग का मामला है
एसडीएम आनी नरेश वर्मा ने कहा की यह चुनाव आयोग का मामला है, जिसे जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त कुल्लू को आगामी कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।