सीवरेज, पार्किंग और शौचालय कागजों में, विकास कार्य अटके
बदहाल सार्वजनिक शौचालयों से लोगों में रोष
पार्किंग और रेन शेल्टर योजना फंसी, शहरवासियों की बढ़ी परेशानी
प्रशासनिक अड़चनों में उलझे विकास कार्य, जमीन और मंजूरी बनी बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल(रोहडू)। नगर पंचायत चौपाल जहां पिछले तीन दशकों से मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रही है, वहीं वर्ष 2020 में अस्तित्व में आई नगर पंचायत नेरवा अब अपने दूसरे चुनाव की दहलीज पर खड़ी है। बीते वर्षों में क्षेत्र ने विकास की कुछ इबारतें जरूर लिखी हैं, लेकिन कई बुनियादी सुविधाएं अब भी अधूरी हैं।
दोनों नगर पंचायतों में सीवरेज, शॉपिंग काॅम्प्लेक्स, पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय, रास्ते, नालियां, पार्क और रेन शेल्टर जैसे प्रोजेक्ट कागजों तक सीमित हैं। यही कारण है कि नगर पंचायत चुनाव में ये मुद्दे प्रमुख रूप से उभरने वाले हैं। नेरवा में स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां पूर्व पंचायत के कार्यकाल से दो सार्वजनिक शौचालय बदहाल हैं। विभागों की उदासीनता और नगर पंचायत को हैंडओवर न होने के कारण इन शौचालयों में गंदगी का अंबार है। इससे लोगों और व्यापारियों में रोष है।
पार्किंग की समस्या भी शहरवासियों के लिए बड़ी चुनौती है। इसके समाधान के लिए भूमि का चयन किया गया था, लेकिन अब तक परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। इसी तरह रेन शेल्टर की योजना भी भूमि चयन और विभागीय प्रक्रियाओं में उलझकर अधूरी पड़ी है। सूत्रों के अनुसार कई विकास कार्य प्रशासनिक और वित्तीय कारणों से अटके हैं। भूमि चयन, अनापत्ति प्रमाण पत्र और अन्य विभागीय औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण प्रोजेक्ट्स में देरी हो रही है।
अब देखना होगा कि चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवार इन अधूरे कार्यों को लेकर जनता के सामने क्या दृष्टि रखते हैं और नई नगर पंचायत इन चुनौतियों का समाधान किस प्रकार करती है।