कार बिन न रखने पर टैक्सी चालक को 10 हजार और बसों में होगा 15 सौ का जुर्माना
कानून लागू करने के लिए ट्रांसपोर्ट वाहनों का होगा निरीक्षण : नेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और कचरे की समस्या से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश गैर जैवनिम्नीकरणीय कचरा (नियंत्रण) अधिनियम 1995 की धारा 3-ए (1) को लागू किया है। मंगलवार से प्रदेशभर में यह कानून लागू हो गया है। कानून के तहत अब सभी टैक्सी, बस, टैम्पो और अन्य ट्रांसपोर्ट वाहनों को कार बिन यानि कूड़ादान रखना जरूरी होगा। नियमों की अवहेलना पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कानून की अवहेलना पर टैक्सी चालकों को 10 हजार रुपये और बसों को 15 सौ रुपये जुर्माना भुगतना होगा। हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण को संरक्षित करने और प्रदेश को कचरा मुक्त बनाने के लिए पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने खाका तैयार किया है। आरटीओ रामपुर के तहत आने वाले रामपुर, आनी, निरमंड, किन्नौर और काजा क्षेत्र में जल्द ही निरीक्षण अभियान चलाकर वाहनों में कार बिन की जांच की जाएगी। नए वाहनों की पासिंग के समय अधिकारी कार बिन की जांच करेंगे। कार बिन के बगैर वाहनों की पासिंग नहीं होगी।
कार बिन स्थापित करने को लेकर कानून लागू हो चुका है। इस संबंध में परिवहन निदेशक ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। जल्द ही क्षेत्र में वाहनों की जांच और निरीक्षण को लेकर अभियान चलाया जाएगा। सरकार की ओर से निर्दिष्ट और सक्षम अधिकारी कार बिन का निरीक्षण कर सकते हैं।
- जसपाल सिंह नेगी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रामपुर