ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और परिवहन निगम पर अनदेखी का आरोप लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहड़ू-टिक्कर के बीच दो सप्ताह बाद भी बस सेवा बहाल नहीं हुई है। बस सेवा के बंद होने से दस पंचायतों के लोगों को भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और परिवहन निगम के अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया है। क्षेत्र के निवासी राहिश जिंटा ने बताया कि मंढारली में सड़क धंस गई है, लेकिन विभाग की ओर से सड़क को खोलने की पहल नहीं की जा रही। आधी सड़क से छोटे वाहनों को जबरन निकाला जा रहा है। विभाग से लोग सड़क खोलने की मांग कर चुके हैं, लेकिन विभाग तर्क दे रहा है कि सड़क के ऊपर की ओर लोगों की भूमि है। वेद प्रकाश ने बताया कि जहां मंढारली में सड़क बंद है, वहां तक दोनों ओर से बस की व्यवस्था की जाए। पूरे क्षेत्र की दस पंचायतों से कर्मचारी, मरीज और ग्रामीणों का उपमंडल मुख्यालय रोहड़ू के लिए आना-जाना रहता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेता, पंचायत प्रतिनिधि इस मामले को अनदेखा कर रहे हैं। लोगाें को रोहड़ू से टिक्कर तक 32 किलोमीटर सफर के लिए निजी वाहनों से कई गुणा अधिक किराया चुकना पड़ रहा है। समय पर टैक्सी उपलब्ध न हो तो लोगों को पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। परिवहन निगम के क्षेत्रिय प्रबंधक प्रियरंजन चौहान ने बताया कि मंढारली में सड़क धंसने के बाद टिक्कर के लिए सीधी बस सेवा नहीं चल रही। पांच बसें पहले से फंसीं हैं। रोहड़ू की ओर से भी बसों को तय समय के अनुसार मंढारली के लिए शुरू किया गया है।