देव विदाई के साथ संपन्न हुआ निरमंड का ऐतिहासिक बूढ़ी दिवाली मेला। संवाद
कुल्लवी नाटी डाल क्षेत्रवासियों ने उठाया लुत्फ
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड में देव विदाई के साथ बुधवार को चार दिवसीय जिला स्तरीय बूढ़ी दिवाली का विधिवत समापन हो गया है। भूतेश्वर महादेव ढरोपा देवता के सानिध्य में कोट देवता, शान ऋषि और माता सरमासनी ने क्षेत्रवासियों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। समापन अवसर पर स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। चार दिवसीय मेले में जहां विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियां मुख्य आकर्षण रहीं, वहीं क्षेत्र की विभिन्न महिलामंडलों ने रस्साकशी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर सबका मन मोहा। समापन अवसर पर समस्त क्षेत्र की महिलाओं और पुरुषों ने सामूहिक कुल्लवी नाटी डालकर ऐतिहासिक बूढ़ी दिवाली का समापन किया। एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के परिणाम वीरवार को घोषित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वीरवार को रेडक्रॉस के तत्वाधान में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें उन्होंने क्षेत्रवासियों से बढ़चढ़ कर रक्तदान करने का आह्वान किया है।
अंकुश भारद्वाज, तांत्रा बॉयज, हेमंत के नाम रही अंतिम सांस्कृतिक संध्या
आनी (कुल्लू)। जिला स्तरीय बूढ़ी दिवाली निरमंड की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में इंडियन आइडल फेम अंकुश भारद्वाज ने रंग जमाया, वहीं लोक गायकों ने भी एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। तांत्रा बॉयज की जोड़ी डॉ. संतोष तोषी और बीरवल मुसाफिर ने कोई न कोई चाहिए प्यार करने वाला, हिंदी गीत गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उसके बाद उन्होंने डूबा-डूबा रा तेरी बातों दा, आंखी दा सूरमा लाई न करे जैसे अनके गीत गाकर दर्शकों को खूब नचाया। लोक गायक हेमंत शर्मा ने सूने रा कानो झूमका इंदिरा लाली, जैबे होला तेरी मिलना गुजरी, हाथ काटो पौईनी दाचिए गीत गाकर समा बांधे रखा। लोक गायक दीपक चौहान ने आज की रात मजा हुस्न का आंखों से लीजिए, तेरी झूरिए, गोरे-गोरे हाथों दी, हंसना बातों-बातों गीत गाकर दशकों से खूब वाहवाही लूटी। इसके अलावा रामसिंह फांकर सहित कई लोकल गायकों ने भी एक से बढ़कर एक बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और झूमने पर मजबूर किया।