रिकांगपिओ(किन्नौर)। लद्दाख के शिक्षाविद सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का किन्नौर बसपा ने विरोध जताया है। उन्होंने वांगचुक की गिरफ्तारी को दमनकारी बताया है। किन्नौर बसपा प्रत्याशी रहे अनिल कपूर ने सरकार के समक्ष तीन मुख्य मांगें रखी हैं, जो केवल लद्दाख तक सीमित न होकर पूरे देश के जनजातीय और वंचित समाज के अधिकारों से जुड़ी हैं। उनकी पहली और सबसे तात्कालिक मांग यह है कि लद्दाख के शिक्षाविद और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को बिना किसी देरी के तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। उनकी गिरफ्तारी दमनकारी है और जनहित की आवाज को दबाने का प्रयास है। दूसरी मांग में उन्होंने केंद्र सरकार को लद्दाख सहित देश भर के सभी जनजातीय और आदिवासी इलाकों की वैध मांगों पर सम्मानजनक संवाद स्थापित करने के लिए कहा है। कपूर ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकार को अपनी दमनकारी नीति छोड़कर इन समुदायों के साथ खुले दिल से बातचीत करनी चाहिए। उनकी संवैधानिक और प्राकृतिक अधिकारों से जुड़ी मांगों को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान करना चाहिए। आदिवासी और जनजातीय समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना केंद्र और राज्य सरकारों की प्राथमिक और सर्वोच्च जिम्मेदारी होनी चाहिए। यह सिर्फ एक नीतिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि सरकार का मूल कर्तव्य है कि वह इन हाशिये पर खड़े समुदायों के हकों, हितों और आवाज को सुनिश्चित करे। यदि सरकार इस जिम्मेदारी को निभाने में विफल रहती है और दमनकारी रवैया अपनाती है, तो यह पूरे देश में असंतोष और आक्रोश को जन्म देगा।