सांगला(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के बीएसएनएल उपभोक्ताओं को अब सिग्नल की समस्या पेश नहीं आएगी। देश के आखिरी गांव छितकुल में थ्री जी सेवाएं शुरू करने के बाद अब भारत संचार निगम लिमिटेड ने जिले के उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने का लक्ष्य रखा है। निगम ने जिले के करीब एक दर्जन टावरों को दुरुस्त कर सुचारु सेवाएं देने का संकल्प लिया है। यदि जिले में निगम की ओएफसी कट भी जाती है तो उपभोक्ताओं के मोबाइल का सिग्नल नहीं जाएगा। उपभोक्ताओं को ऑटोमैटिक मिनी लिंक से सिग्नल मुहैया होगा।
गौर हो कि किन्नौर में अब ओएफसी टूटने और कटकर ब्रेक होने पर भी बीएसएनएल की सेवाएं बेहतर होंगी। बीएसएनएल किन्नौर और रामपुर की टीम ने देश में लॉकडाउन के बावजूद बिना मजदूर के 15 दिनों के भीतर गगनचुंबी टावरों पर युद्धस्तर पर कार्य करते हुए मिनी लिंक से जोड़ दिया है। किन्नौर और रामपुर के बीच भौगोलिक परिस्थितियां पहाड़ी होने के नाते काफी कठिन है। ऐसे में बीएसएनएल की ओएफसी कई बार कट जाती थी और उपभोक्ताओं को संचार साधने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ती थी। टीम ने करीब एक दर्जन टावरों को दुरुस्त किया है और मिनी लिंक से जोड़ दिया है।
बीएसएनएल किन्नौर के एसडीओ अगर सेन नेगी की अगुवाई में जेटीओ धीरज मेहता, कनिष्ठ अभियंता योगेश नेगी, जनक वज नेगी, तकनीकी सहायक हुकम चंद नेगी, विनोद कुमार नेगी, रामपुर टीम के जेटीओ रविचंद्र नेगी, कनिष्ठ अभियंता आत्म प्रकाश नेगी, राजेंद्र सिंह, बौद्धराम, लिलेश और सोनम की टीम ने अपनी जान की परवाह किए बगैर दिन रात कार्य कर बड़ी सफलता हासिल की है। बीएसएनएल महाप्रबंधक एमसी सिंह ने कहा कि अब किन्नौर जिले के हजारों उपभोक्ताओं बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। निगम ने टावरों की मरम्मत करने के साथ साथ क्षमता में भी इजाफा किया है।