फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सात अफसरों ने फर्जी गरीब बनकर डकारा सरकारी राशन

विज्ञापन
विज्ञापन
रिकांगपिओ(किन्नौर)। जनजातीय जिले में भी गरीबों की सबसे निचली श्रेणी बीपीएल और अंतोदय का राशन डकारने वाले सात सरकारी अधिकारी शामिल हैं। पंचायत प्रधान और सचिवों की मेहरबानी से इन अधिकारियों ने बीपीएल और अंतोदय के कार्ड बनाए और गरीबों का राशन डकारा। खुलासा होने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने इन सभी अधिकारियों पर शिकंजा कसा है। पांच अधिकारियों ने 89 हजार 734 रुपये की जुर्माना राशि खाद्य आपूर्ति विभाग के खाते में जमा करवाई और इसकी रसीद कार्यालय में जमा करवाई है। इनमें निचार खंड के दो, पूह खंड के चार और कल्पा खंड का एक अधिकारी शामिल है।
विज्ञापन

गौर हो कि किन्नौर जिले में गरीबों को मिलने वाला सस्ता राशन फर्जीवाड़ा कर हड़पा है। इनमें बीपीएल का लाभ लेने वाले छह और अंतोदय का लाभ ले रहा एक अधिकारी शामिल है। अमर उजाला ने प्रदेश के 125 सरकारी अफसरों, जिनमें मेडिकल अफसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रवक्ता जैसे सरकारी मुलाजिम शामिल हैं, का भंडाफोड़ किया था। इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने ग्रामीण विभाग से पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी थी। इन 125 सरकारी अफसरों में से 7 जिला किन्नौर से संबंध रखते हैं। इनमें 2 असिस्टेंट प्रोफेसर, 2 जेबीटी, एक स्कूल प्रवक्ता, एक टीजीटी अध्यापक और एक राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी शामिल हैं। फर्जीवाड़ा करने वाले इन अफसरों ने पंचायत प्रधान और सचिवों की मिलीभगती से बीपीएल और अंतोदय का वो राशन डकारा, जो गरीब तबके के लोगों का हक था।
जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकारी शैलेश हितेषी ने बताया कि जिले में सस्ता राशन डकारने वालों में सात सरकारी अफसर शामिल हैं। उन्हें कारण बताओ नोटिस देकर 4 दिन के भीतर जितना राशन खाया था, उसके हिसाब से जुर्माना राशि बैंक खाते में राशि जमा करने का निर्देश दिए गए थे। अब तक 5 लोगों ने 89 हजार 734 रुपये बैंक खाते में जमा किए हैं और रसीद कार्यालय में जमा करवाई है। एक व्यक्ति ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया है, जबकि दूसरे के जवाब का इंतजार है। यदि समय पर जुर्माना राशि जमा नहीं होती तो सरकारी नियमों के मुताबिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें