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Rampur Bushahar News: राष्ट्रीय नाटक उत्सव के दूसरे दिन किया बॉबी ब्रेकर नाटक का मंचन

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- नाटक में दर्शाई युवा लड़के के संघर्ष की कहानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के रौड़ा सेक्टर स्थित बहुउद्देशीय सांस्कृतिक भवन में व्यास रंगमंच समिति, भाषा संस्कृति विभाग बिलासपुर और स्पर्श नाट्य रंग दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय नाटक उत्सव के दूसरे दिन बॉबी ब्रेकर नाटक का मंचन किया गया। कहानी एक युवा लड़के विश्वास जोशी के संघर्ष की है, जिसका उपनाम बॉबी है। वह बैंक में काम करने वाला एक मेहनती, ईमानदार और प्रतिभाशाली लड़का है, लेकिन एकमात्र चीज जो उसे हीन महसूस कराती है कि वह हकलाता है। लोग उसे बॉबी-ब्रेकर कहते हैं, लेकिन बॉबी भाग्यशाली है कि उसके पास एक दोस्त है, जो उसकी परवाह करता है। एक दिन बॉबी की मुलाकात एक लड़की मिस चौधरी से होती है और उसे प्यार हो जाता है। वह प्यार का इजहार नहीं कर पाता। अपनी समस्या को दूर करने के लिए अपने दोस्तों के सुझाव के अनुसार एक स्पीच थेरेपिस्ट के पास जाता है। थेरेपिस्ट काफी महंगा है, लेकिन फिर भी बॉबी किसी तरह बिल का भुगतान कर लेता है। थेरेपी के अनुसार बॉबी को पहल करके रोजाना तीन अनजान लोगों से बात करनी चाहिए। बॉबी परिणामों के बारे में निश्चित नहीं है, लेकिन उसने थेरेपी शुरू कर दी। थेरेपी के दौरान वह जिन लोगों से मिलता है, उनमें से पहला व्यक्ति बहरा है, दूसरा एक सेल्समैन है जो बॉबी को एक शब्द भी बोलने नहीं देता है। उसकी मुलाकात एक वेश्या और अति उत्साही सामाजिक कार्यकर्ता दयालु व्यक्ति से भी होती है। यहां तक कि उसका अपने नए मैनेजर से झगड़ा भी हो जाता है, क्योंकि मैनेजर भी हकलाता है। बॉबी निराश हो जाता है और थेरेपी बंद कर देता है। इस बीच मिस चौधरी को अपने दोस्त के माध्यम से बॉबी की समस्या के बारे में पता चलता है। वह बॉबी से बात करती है और उसे वैसे ही स्वीकार करती है। वह अपने दोस्तों से उसका परिचय अपने बॉयफ्रेंड के रूप में कराती है। इससे बॉबी का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह न केवल अपनी समस्या से उबर जाता है, बल्कि आगे चलकर यूनियन लीडर भी बन जाता है। यह नाटक प्रदर्शन कला एवं सांस्कृतिक विरासत संस्थान यमुनानगर हरियाणा ने किया। नाटक के लेखक स्वर्गीय सुधीर कावड़ी हैं। इसका रूपांतरण, अनुवाद, डिजाइन और निर्देशन गीता अग्रवाल शर्मा ने किया। सूत्रधार के रोल में आकाशदीप ने कहानी की कड़ियों को अपने संवाद लय से आगे बढ़ाया। मुख्य पात्र बॉबी की भूमिका कुलभूषण चौहान, मिस चौधरी की अदाकारी सावी शर्मा ने निभाई। डॉक्टर, वेश्या और दोस्त की भूमिका पारुल शर्मा ने निभाई। युवा बॉबी, चपरासी, जॉगर और बैगर के पात्र में निशान सिंह अपने अभिनय व्यवहार में निष्णांत साबित हुए। पान वाले, मरीज, गिटारवादक, पिता, बहरा, सेल्समैन, पुलिस, यात्री, वेटर और मैनेजर की भूमिका राजिंदर शर्मा ऊर्फ नानू ने निभाई। नाटक में ध्वनि डिजाइन राजिंदर शर्मा, नानू, और हिमांशु शर्मा, लाइट डिजाइन विशाल, संगीत संचालन लवली सिंह, बैकस्टेज में आस्था चौहान रही।
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