लगातार हार से बदला राजनीतिक समीकरण, भाजपा खेमे में बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। भारतीय जनता पार्टी को नगर पंचायत निरमंड चुनाव में बड़ा झटका लगा है। भाजपा के कई वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को इस बार जनता ने नकार दिया, जिससे स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं। पूर्व पंचायत समिति उपाध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेश भार्गव लगातार दूसरी बार चुनाव हार गए हैं। इससे पहले वह वार्ड नंबर-चार से चुनाव हार चुके थे, जबकि इस बार वार्ड नंबर-पांच से भी पराजय का सामना करना पड़ा। लगातार दो चुनावों में मिली हार को भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पूर्व उपप्रधान प्रीतम देव भी इस चुनाव में जीत दर्ज नहीं कर पाए। लंबे समय से संगठन और स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहने वाले नेताओं की हार ने भाजपा खेमे में चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार मतदाताओं ने पुराने चेहरों के बजाय नए नेतृत्व और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी। नगर पंचायत निरमंड के चुनाव परिणाम ने यह साफ कर दिया है कि अब जनता विकास कार्यों, पारदर्शिता और जमीनी जुड़ाव को ज्यादा महत्व दे रही है। चुनाव परिणाम आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। समर्थकों के बीच जहां निराशा देखने को मिली, वहीं विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल बना हुआ है। अब सभी की नजर नगर पंचायत के नए नेतृत्व और आगामी विकास कार्यों पर टिकी हुई हैं।