विधायक लोकेंद्र कुमार की अगुवाई में नित्थर और देहरा के ग्रामीणों ने बायल में किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। एसजेवीएन की 210 मेगावाट लूहरी जलविद्युत परियोजना से प्रभावित कुल्लू जिले की नित्थर और देहरा पंचायतों की मांगों को लेकर भाजपा ने मंगलवार को मोर्चा खोल दिया। आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र कुमार की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बायल स्थित लूहरी परियोजना कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद विधायक और ग्रामीणों की परियोजना के मुख्य प्रबंधक के साथ बैठक भी हुई। विधायक लोकेंद्र कुमार ने कहा कि बैठक में सीएचसी नित्थर के लिए एक्सरे मशीन उपलब्ध करवाने, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों के लिए खेल सामग्री देने और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने समेत प्रदूषण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण से मिलने वाली राशि के वितरण में कुल्लू और शिमला जिले के लिए अलग-अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुल्लू की प्रभावित पंचायतों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना में बाहरी ठेकेदारों की मशीनें और डंपर लगाए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग भी मशीनरी और वाहन उपलब्ध करवाने में सक्षम हैं। रोजगार के मुद्दे पर पांच अक्तूबर से पहले मुख्य ठेकेदार कंपनी पटेल के साथ बैठक करवाने की बात कही गई है। इसमें एसडीएम निरमंड के शामिल होने की भी बात कही गई। विधायक ने कहा कि एसजेवीएन प्रभावित पंचायतों के गांवों में जाकर प्रदूषण का दोबारा आकलन करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का असर देहरा पंचायत के डोभा से लेकर शिमला जिले के नागाधार तक बताया जा रहा है। इसके अलावा रामपुर परियोजना से प्रभावित पंचायतों को मिलने वाली एक प्रतिशत रॉयल्टी को भी सही तरीके से उपलब्ध करवाने की मांग रखी गई है। लोकेंद्र कुमार ने कहा कि भाजपा परियोजना बंद करवाने के पक्ष में नहीं है। यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है और इसका निर्माण होना चाहिए, लेकिन प्रभावित लोगों के अधिकारों और मांगों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो नित्थर और देहरा के ग्रामीण आगामी समय में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने जैसे कदम उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार की बैठक सकारात्मक रही है और आगामी एक-दो महीनों में मांगों पर ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।