चौपाल ( रोहड़ू)। नेरवा की थरोच पंचायत के कांवल मैदान में शुक्रवार को बिशू मेले का समापन हो गया। थरोच क्षेत्र के परगना पराली और नागपुर के लोगों ने करीब 16 साल बाद इस मेले का आयोजन किया। इसमें पारंपारिक वेशभूषा में खुंदों ने डांगरे, डंडों और तलवारों के साथ नाटी डाली। मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। दोपहर बार बारिश के खलल के कारण लोगों को असुविधा हुई। इस मेले में चौपाल क्षेत्र के दो खुंदों पजाईक व जथरेऊ (नेवली) और स्थानीय खुंद पराली ने पारंपारिक नृत्य किया। यह मेला राणा थरोच की ओर से महासू देवता के सानिध्य में शिरगुल मंदिर के कांवल मैदान में क्षेत्र के लोगों के मनोरंजन के लिए आयोजित किया गया। मेले में तीन दलों के बीच ठोडा खेल भी हुआ। मेले में दो दिन पहले से ही अस्थायी दुकानें लग गई थीं। इसमें बच्चों और महिलाओं ने खरीदारी की और मिठाइयों के साथ साथ चाट, गोलगप्पे, कुल्फी और अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों का भरपूर आनंद उठाया। मेले में ग्रामीण देवधुनों पर दिनभर नाचते रहे। खराब मौसम के कारण पहले दिन से पहुंचे खुंदों ने रात जंगल के बीच मैदान के साथ लगे तंबुओं में गुजारी।