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Rampur Bushahar News: शिक्षा विभाग के अधीन हुआ भावानगर प्रोजेक्ट स्कूल

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परियोजना स्कूल भावानगर का भवन। स्त्रोत जागरूक पाठक
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अधिसूचना जारी होने के बाद अन्य औपचारिकता पूरा करने में जुटा विभाग
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दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने सरकारीकरण करने की थी घोषणा
रतन लाल नेगी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। पिछले पांच सालों से बिजली बोर्ड की परियोजना वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भावानगर को सरकारीकरण करने की प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया पूरी कर दी है। अब भावानगर नगर प्रोजेक्ट स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन हो गया है। जानकारी के मुताबिक, सरकार ने अब इस स्कूल का नाम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भावानगर कर दिया है। एक अप्रैल से स्कूल में मिड-डे मील बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दो महिलाओं को मिड-डे मील बनाने के लिए नियुक्त किया है, ताकि स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिड-डे मील का लाभ मिल सके। सरकार ने इस स्कूल में डिजिटल लाइब्रेरी के बनाने के लिए 17 लाख रुपये भी स्वीकृत किए हैं। दूसरी ओर इस स्कूल में सात लाख रुपये की लागत से अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) स्थपित करने के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। वर्तमान में स्कूल में 6 सरकारी शिक्षक और 7 बिजली बोर्ड के शिक्षक के कार्यरत हैं। बिजली बोर्ड के शिक्षक अब दुविधा में हैं कि इन्हें अब बिजली बोर्ड में ही रखा जाएगा या विद्यालय में शिक्षक के तौर कार्यरत रहेंगे।
17 साल पहले इस स्कूल को सरकारीकरण करने की घोषणा दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने की थी। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा सरकारें आईं और गईं। यह प्रक्रिया फाइलों तक ही सीमित रही। तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भावानगर स्कूल को सरकारीकारण करने की घोषणा कर स्कूल परिसर में पट्टिका लगाई थी। साल 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अभिभावकों की मांग पर स्कूल को दूसरी बार सरकारीकरण करने की घोषाण की। अब इस स्कूल के सरकारीकरण होने की प्रक्रिया पूरी हुई है।
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सरकार के तरफ से स्कूल को हैंड ओवर और टेकओवर करने जरूरी पत्राचार प्राप्त नहीं हुआ है। न ही शिक्षकों के बारे में सरकार ने कोई जानकारी दी है। यह स्कूल सरकार के अधीन हो गया है, लेकिन परियोजना के शिक्षकों की स्थिति के बारे में अभी कोई सूचना नहीं है। - करनैल सिंह ठाकुर, वरिष्ठ अधिशासी अभियंता, बिजली बोर्ड एवं परियोजना स्कूल प्रबंधक
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स्कूल में एक अप्रैल से मिड-डे मील की प्रक्रिया शुरू हो रही है। बच्चों को मुफ्त किताबें और स्कूल वर्दी के लिए भी सरकार को प्रपोजल भेजा है। इस स्कूल के 6 सरकारी और 7 बिजली बोर्ड के शिक्षक के बारे में फाइल सचिव शिक्षा विभाग के पास है। प्रदेश सरकार ने 1 अक्तूबर 2022 की अधिसूचना के तहत भावानगर स्कूल का नाम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भावानगर कर दिया है। - अरुण गौतम, उप निर्देशक, एलिमेंट्री, शिक्षा विभाग किन्नौर
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