. भड़ावली पंचायत के प्रभावितों को मिले उनके हक : खमराल
. परियोजना में स्थानीय लोगों को रोजगार और नौकर बहाल करने की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की भड़ावली पंचायत में बनी जल विद्युत परियोजना से प्रभावित ग्रामीण फसलों को हुए नुकसान और लाडा की राशि से आज तक वंचित हैं। कृषक विकास संघ ने परियोजना प्रभावितों को उनके अधिकारों से वंचित रखने पर रोष जताया है। संघ ने परियोजना में स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया करवाने और नौकरी से निकाले लोगों की नौकरी बहाल करने की मांग उठाई है। प्रेस को जारी बयान में कृषक विकास संघ के अध्यक्ष दिनेश खमराल ने कहा कि भड़ावली पंचायत में बिजली परियोजना स्थानीय लोगों के अधिकारों का हनन कर रही है। भड़ावली में चल रही इस बिजली परियोजना ने पहले ही काम शुरू कर रखा था और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला था, लेकिन अब परियोजना प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना और समाधान के फिर से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की मांग कर दी है। परियोजना निर्माण के कारण प्रभावित किसानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा और लाडा का भुगतान आज तक नहीं मिल पाया है। प्रभावित अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वहीं, कई स्थानीय लोगों पर अनावश्यक मामले दर्ज किए गए हैं। खमराल ने बताया कि यह स्थिति न केवल स्थानीय लोगों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि कानून और सरकारी नीतियों के विरोध में है। परियोजना प्रबंधन की यह कार्रवाई स्थानीय समाज में असंतोष और भय पैदा कर रही है। उन्होंने प्रभावित किसानों को फसल और लाडा का उचित मुआवजा तुरंत देने, स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित न करने, नौकरी को बहाल करने और परियोजना की ओर से अनावश्यक मामलों को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से भी भविष्य में स्थानीय लोगों के अधिकारों का उल्लंघन न हो, यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।