बागवानों ने सेब सीजन से पूर्व सड़क की हालत सुधारने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)।
उपमंडल निरमंड के बांदल क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीण खस्ताहाल सड़क की मार झेल रहे हैं। बांदल से कुटल तक कई जगह सड़क के किनारे लगे डंगे बरसात के कारण ढह गए हैं। ग्रामीण खतरों के साये में सफर करने को मजबूर हैं। लोक निर्माण विभाग की अनदेखी को लेकर ग्रामीणों में रोष है। क्षेत्र में सेब सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन खस्ताहाल सड़क से बागवानों की चिंता बढ़ती जा रही है। नित्थर-बागीपुल सड़क पर बांदल से कुटल सड़क की हालत कई महीनों से नहीं सुधर पाई है। इस सड़क में कई जगह डंगे गिर गए हैं और सड़क पर केवल तारकोल ही बचा है। ऐसे में यहां जरा सी लापरवाही हादसे का कारण बन सकती है। बांदल, कुटल, कंडा, कतमोर और मर्गी समेत आसपास के गांव खस्ताहाल सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। रोजाना हजारों ग्रामीण इस सड़क से सफर करते हैं। ये गांव सेब बहुल क्षेत्र में आते हैं और यहां के ग्रामीणों की आर्थिकी का मुख्य जरिया सेब उत्पादन है। क्षेत्र के बागवान बलबीर सिंह, मिंटू ठाकुर, विजय कुमार, शिव कुमार, सुनील कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बागवान लंबे समय से सड़क की हालत में सुधार करने की मांग उठा रहे हैं। सेब सीजन नजदीक है। क्षतिग्रस्त सड़क के कारण बागवानों को सेब की फसल मंडी तक पहुंचाने में परेशानी झेलनी पड़ेगी। बांदल से कुटल तक सड़क के किनारे डंगे ढहने के कारण हादसों का अंदेशा बना रहता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से समय रहते सड़क की हालत सुधारने की मांग की है।
कई स्थानों पर सड़क को सुधार दिया गया है। सेब सीजन से पहले बांदल से कुटल तक सड़क को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
- अनिल कुमार, कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग निरमंड