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Rampur Bushahar News: बाजवा सड़क सात साल से खस्ताहाल, बागवान-ग्रामीण परेशान

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नाले में तब्दील बाजवा सड़क को ठीक करती विभाग की जेसीवी मशीन।
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बागवानों को मजदूरों से ढुलाई का अतिरिक्त भाड़े का आर्थिक नुकसान, चेतावनी- जल्द सड़क की हालत नहीं सुधरी तो होगा उग्र आंदोलन
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संवाद न्यूज एजेंसी

ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर खंड की मशनू पंचायत की बाजवा सड़क की हालत सात साल से बदतर है। लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2017 में बाजवा पुल से बाजवा गांव तक तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण किया था, लेकिन देख-रेख के अभाव में आज सड़क खस्ताहाल है। बाजवा गांव के बागवानों को सेब की पेटियां भारी भरकम ढुलाई देकर पीठ में लाद कर मुख्य सड़क तक पहुंचानी पड़ रही हैं। सरकार के सेब सीजन में सभी सड़कें दुरुस्त करने के दावे हवा साबित हो रहे हैं। सात साल में इस सड़क को पक्का करना तो दूर की बात, गाड़ियां चलने के लायक भी नहीं बनाया जा रहा है। बाजवा गांव के अभी राणा, श्याम डोगरा, विक्की, अनिल और किरण नेगी ने बताया कि तीन किलोमीटर सड़क का कार्य 2017 में पूर्ण हो गया था, लेकिन सड़क की स्थिति हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दयनीय बनी हुई है। बाजवा गांव में प्रत्येक परिवार का मुख्य आय का स्रोत बागवानी है, लेकिन इस सेब सीजन में बाजवा गांव के बागवानों को अपना सेब मार्केट तक पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेब सीजन में यह सड़क करीब 10 से 12 बार बंद हुई। करोड़ की लागत से बनी इस सड़क के ठीक न होने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि एंबुलेंस चलने के लायक भी सड़क नहीं है। ग्रामीणों को सेब और मरीज को पीठ में उठा कर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को चेताया कि यदि सड़क की स्थिति को जल्द नहीं सुधारा गया, तो यह मुद्दा एक बड़े आंदोलन का रूप लेगा।
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बाजवा सड़क को बहाल करने के लिए विभाग जेसीबी मशीन भेजता रहा है। बाजवा सड़क नाबार्ड से स्टेट हेड में बनी है। बजट का प्रावधान होने पर विभाग सड़क को पक्का करवाएगा। - गोवर्धन शर्मा, एसडीओ लोक निर्माण विभाग सराहन
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