रामपुर बुशहर। विशेष न्यायाधीश-II किन्नौर ने चिट्टे के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को 9.14 ग्राम चिट्टे (हेरोइन) के साथ पकड़ा था। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि आरोपियों का ड्रग व्यापार में प्रथम दृष्टया शामिल होना प्रतीत होता है। समाज के व्यापक हित को देखते हुए उन्हें इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती है। लोक अभियोजक ने न्यायालय को बताया कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास है। उनके खिलाफ पहले भी इसी तरह के मामले लंबित हैं। तुषार वर्मा के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक और मामला लंबित है। यह एफआईआर 11 फरवरी, 2025 को रामपुर थाने में दर्ज हुई थी। प्रवीण कुमार के खिलाफ भी एनडीपीएस अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत दो अन्य मामले लंबित हैं। न्यायालय ने कहा कि जमानत देने से वे फिर से अपराध कर सकते हैं या भाग सकते हैं। पुलिस टीम 8 मई को कुमारसैन थाना क्षेत्र में गश्त कर रही थी। 9 मई को सुबह करीब 4.15 बजे बारुबाग के पास दो पिकअप वाहन खड़े मिले। पुलिस को देखकर वाहन में बैठे लोग घबरा गए। तलाशी लेने पर तुषार वर्मा, प्रवीण कुमार और रोहित चौहान के पास से 9.14 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। न्यायालय ने कहा कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड हैं। वे पहले भी इसी तरह के अपराधों में शामिल पाए गए हैं। न्यायालय ने लोक अभियोजक की दलीलों से सहमति जताई।