सात माह बाद भी बड़े वाहनों के लिए बहाल नहीं हुई बागीपुल-जाओं-ठारला सडक़। संवाद
. बीते वर्ष जुलाई से बंद पड़ी है बड़े वाहनों की आवाजाही
. छोटे वाहनों में भारी भरकम किराया देकर सफर कर रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। निरमंड उपमंडल की दुर्गम पंचायत को जोड़ने वाली बागीपुल-जाओं-ठारला सड़क सात महीने से बड़े वाहनों के लिए बंद है। इस कारण क्षेत्र की चायल और जुआगी पंचायत के ग्रामीण आवाजाही करने में परेशानी झेल रहे हैं। ग्रामीण छोटे वाहनों में महंगा किराया देकर सफर करने को मजबूर हैं। लोक निर्माण विभाग निरमंड डिविजन की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बागीपुल-जाओं-ठारला सड़क जुलाई 2025 से बड़े वाहनों के लिए अवरुद्ध पड़ी है। बरसात के दौरान निरमंड डिविजन की अधिकतर सड़कें बड़े वाहनों के लिए बाधित पड़ीं थीं। लोक निर्माण विभाग ने कई सड़कों को यातायात के लिए बहाल तो कर दिया, लेकिन बागीपुल-जाओं-ठारला सड़क पर अभी भी बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। इस सड़क पर सिर्फ छोटे वाहन ही चल रहे हैं। ऐसे में चायल और जुआगी पंचायत की जनता को परेशानी झेलनी पड़ी रही है। ग्रामीण ठारला से छोटे वाहनों में 100 रुपये किराया देकर बागीपुल पहुंच रहे हैं, जबकि आने-जाने में यह राशि 200 रुपये हो जाती है। ऐसे में ग्रामीण अधिक किराया देकर छोटे वाहनों में सफर कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात से क्षतिग्रस्त सड़क के कारण जहां क्षेत्र के अधिकांश बागवानों को सेब की फसल मंडी पहुंचाने में परेशानी झेलनी पड़ी थी। अब ग्रामीण बस सेवाओं के अभाव में परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से जल्द सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि जल्द सड़क बहाल नहीं होती तो चायल की जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी।
सड़क पर चल रहा है कार्य
लोक निर्माण विभाग निरमंड के अधिशासी अभियंता आनंद शर्मा का कहना है कि सड़क पर बड़ी मशीन और कंप्रेशर कार्य में लगे हुए हैं। सड़क पर वाहनों की आवाजाही से कार्य में देरी हो रही है और जाम भी लग रहा है। ऐसे में मशीन को एक-एक घंटे तक बंद रखना पड़ रहा है। उन्होंने चायल की जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक वाहनों की आवाजाही एक दो दिन में बंद रहती है, तो सड़क जल्द बड़े वाहनों के लिए खोल दी जाएगी।