कई साल से सरकार की उपेक्षा का दंश झेल रहे हजारों लोग
चेताया, जल्द चिकित्सक की तैनाती नहीं की तो करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
प्रदेश सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में घरद्वार स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्र खोले हैं, लेकिन अधिकांश केंद्र शोपीस बनकर रह गए हैं। मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायत मुनिश में आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले है। यह आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्र मुनिश में वर्ष 2015 से चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी के कंधों पर चल रहा है। सरकार 10 साल से चिकित्सक का पद नहीं भर पा रही है। मरीजों को उपचार के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर रामपुर जाना पड़ रहा है। सरकारी उपेक्षा के चलते भाजपा सरकार और न ही वर्तमान कांग्रेस सरकार यहां के लिए बुनियादी सुविधाएं जुटा पाई है। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कई बार सरकार और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष मामला रखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्र से पंचायत क्षेत्र के थड़ा, बरकल, बाहली, उरमण, जोगनी और मुनिश गांव के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं, लेकिन स्टाफ की कमी की मार ग्रामीण झेल रहे हैं। मुनिश पंचायत प्रधान भजन दास, पूर्व प्रधान बसंत राम, चंद्र ठाकुर, जगत राम, हिम्मत सिंह, किशोरी लाल और विश्व रंजन समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के घरद्वार बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के दावे धरातल पर अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने चेताया है कि इस आयुष्मान केंद्र में जल्द चिकित्सक समेत अन्य रिक्त पदों को नहीं भरा गया, तो ग्रामीण सड़क पर उतर कर आंदोलन करेंगे।
आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्र मुनिश में लंबे समय से चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। सरकार और उच्च अधिकारियों के समक्ष मामला लंबित है। उम्मीद जताई कि विभागीय स्तर पर नई नियुक्तियां की जाने के उपरांत ही चिकित्सक की तैनाती संभव होगी। डॉ. रोहिणी शर्मा, चिकित्सा अधिकारी, उपमंडलीय आयुर्वेदिक, रामपुर