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खांसी और जुकाम से बचने के लिए आयुष्यात, काढ़ा और फल खाएं : डॉ. प्रदीप

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मौसम में बदलाव पर चिकित्सक दे रहे ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अचानक मौसम में हो रहे बदलावों के कारण बीमारियां का सिलसिला भी शुरू हो गया है। आयुर्वेदिक अस्पताल रामपुर में खांसी, जुखाम, बुखार, सांस की समस्या और लूज मोशन संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई हैै। ऐसे में डॉक्टर मरीजों को खानपान का पूरा ध्यान, आयुर्वेदिक दवाइयां, आयुष्यात, काढ़ा और मौसमी फलों का सेवन करने के लिए कह रहे हैं। मौसम में हो रहा बदलाव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सावधानी की जरूरत है। सुबह और शाम के समय मौसम ठंडा होने के कारण एक दम से तापमान में गिरावट आ जाती, जिसका असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में अगर लापरवाही बरती तो दवा खानी पड़ सकती है। अचानक गर्मी और सर्दी होने के कारण आयुर्वेदिक अस्पताल रामपुर में खांसी, जुखाम, बुखार, सांस की समस्या और लूज मोशन संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई हैै। शरीर में अचानक तापमान बढ़ने और घटने से अस्पतालों में खांसी और जुखाम के मरीज अधिक हो गए हैं। बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों में सावधानियां ही बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। इस मौसम में तापमान में गिरावट और सर्दी के एहसास बढ़ने के कारण बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखना चाहिए। आयुर्वेदिक अस्पताल रामपुर में रोजाना 70 से 80 मरीज खांसी, जुखाम, सांस लेने में समस्या और लूज मोशन के आ रहे है। यह अस्पताल रामपुर, ननखड़ी और कुल्लू के हजारों मरीज उपचार के लिए आते है।
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आयुर्वेदिक अस्पताल बीएमओ डॉ. प्रदीप शर्मा ने कहा कि मौसम में हो रहे बदलाव के कारण मरीजों में खांसी, जुखाम और बुखार बढ़ रहा है। उसके लिए खानपान का पूरा ध्यान , आयुर्वेदिक दवाइयां, आयुष्यात, काढ़ा और मौसमी फलों का सेवन करे।
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