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एचपीएमसी ने सेब क्लेक्शन सेंटर तो खोले, लेकिन व्यवस्था करना भूला

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दलोग गांव में सड़कों पर ही सेब की बोरियों सडने के कगार पर - फोटो : RAMPUR-HP
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रामपुर बुशहर। एचपीएमसी के सेब क्लेक्शन सेंटर बागवानों के लिए आफत बन गए हैं। मौजूदा समय में बोरियों में भरा सैकड़ों बागवानों का सेब सड़क के किनारे सड़ने की कगार पर है। सालभर की मेहनत को इस तरह से बरबाद होता देख बागवानों में एचपीएमसी के खिलाफ खासा रोष है।
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बागवानों के अनुसार एचपीएमसी ने सेब क्लेक्शन सेंटर को ठेके पर दे रखा है। ऐेसे में एक गाड़ी में सेब की बोरियां क्लेक्शन सेंटर तक पहुंचाई जा रही हैं। लेकिन नरैण और बाहली पंचायत के बागवान एक सप्ताह से गाड़ी का इंतजार कर रहे हैं। गौरतलब है कि रामपुर उपमंडल की नरैण और बाहली पंचायत में एचपीएमसी ने सेब क्लेक्शन केंद्र खोले हैं। लेकिन इन क्लेक्शन केंद्रों में दर्जनों गांव के सैकड़ों बागवानों के सेब से भरी बोरियां नहीं पहुंच पा रही हैं। बागवानों का कहना है कि एचपीएमसी को रोजाना जब भी इस संबंध में फोन पर बात की जाती है तो एक ही जवाब मिलता है कि गाड़ी आ रही है, लेकिन एक सप्ताह से गाड़ी नहीं पहुंच पा रही। एचपीएमसी की ओर से सेब की बोरियों को क्लेक्शन सेंटर तक ले जाने के लिए ट्रक की सुविधा मुहैया न करवाने से बागवानों को काफी नुकसान हो रहा है। यदि शीघ्र ही सेब की बोरियों को ले जाने के लिए वाहन मुहैया नहीं करवाया गया तो निश्चित ही बागवानों की सेब की बोरियां आंखों के सामने ही सड़ जाएंगी।
वहीं इलाके के बागवान रामेश्वर दास कायथ, दर्शन दास कायथ, भजन दास ठाकुर, ज्ञान चंद भलूनी, बुध राम भलूनी, रमन कायथ, सुधीर कायथ और इंद्रजीत सहित कई अन्य बागवानों के अनुसार बीते एक सप्ताह से एचपीएमसी की लापरवाही से दलोग और बाहली गांव में सेब की सैकड़ों बोरियां सड़कों पर ही सड़ने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। कई बोरियों के तो बगीचों और मशीनों पर ही ढेर लगे हुए हैं। ऐसे में उन्हें सेब की बोरियों को क्लेक्शन सेंटरों तक पहुंचाने की चिंता सता रही है। बागवानों ने प्रशासन और एचपीएमसी के अधिकारियों से जल्द से जल्द समस्या को दूर करने की गुहार लगाई है।
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वहीं एचपीएमसी प्रभारी रामपुर शालिग राम चौहान के अनुसार सेब बागवानों को अपना सेब क्लेक्शन सेंटर तक स्वयं पहुंचाना पड़ता है। फिर भी यदि ऐसी कोई समस्या पेश आ रही है तो उसे प्राथमिकता के तौर पर दूर किया जाएगा।
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