टुरान गांव निवासी लोकेश्वर चौहान के बगीचे में गिरे सेब के फल
- फोटो : RAMPUR-HP
जुब्बल। बगीचे में दवाई की स्प्रे करने के बाद एक बागवान के बगीचे के सारे सेब झड़ गए। जुब्बल के टुरान गांव के बागवान लोकेश्वर चौहान की मेहनत पर पानी फिर गया है। एक हफ्ते पहले लोकेश्वर चौहान सेब का रंग लाल करने के लिए बाजार से स्प्रे लाया था। बागवान ने स्प्रे के पैक पर दर्शाए गए निर्देशों के अनुसार छिड़काव किया। इसके बाद लोकेश्वर काम के सिलसिले में शिमला चला गया। सोमवार को जब लौटा तो बगीचे में पेड़ों पर एक भी सेब नहीं दिख रहा है। सारा सेब झड़कर जमीन पर गिर गया था। पूरा बगीचा खाली हो गया था। इस पर लोकेश्वर दवा विक्रेता के पास पहुंचा। दवा विक्रेता ने कहा कि इस बारे में कंपनी को सूचित कर दिया है। इधर, लाखों का नुकसान होने के बाद लोकेश्वर चौहान अब कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रहा है। लोकेश्वर का कहना है कि स्प्रे के बाद सारे सेब झड़ गए। पूरा बगीचा खाली हो गया है। कंपनी की ओर से कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा है। उसकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है। अब वे कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। दवा से सेब लाल तो नहीं हुआ लेकिन पेड़ से सारा फल झड़ गया।
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बिना सलाह न करें दवा का छिड़काव : डॉ. नरेंद्र
कृषि विज्ञान केंद्र रोहडू के प्रभारी डॉ. नरेंद्र कायथ का कहना है कि बागवान बिना सलाह किसी तरह की स्प्रे न करें। कई दवाइयों में खतरनाक रसायन होता है। इसकी जानकारी बागवानों को नहीं होती है। इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि सेब को कुदरती तरीके से तैयार होने दें। इससे फल की भंडारण क्षमता बनी रहती है। छिड़काव से तैयार सेब कुछ दिनों में खराब हो जाता है। इससे पौधे को भी नुकसान होता है।