आनी (कुल्लू)। आनी उपमंडल के प्रवेश द्वार स्थित खेगसू सेब मंडी में रॉयल सेब का मूल्य दो हजार प्रति पेटी तक बागवानों को मिल रहा है, जिसके चलते बागवान बेहद खुश हैं। हालांकि मंडी में सेब की अधिक पहुंच से सेब के मूल्य में 200 से 300 रुपये तक की गिरावट जरूर दर्ज की जा रही है।
प्रतिदिन मंडी में आनी उपमंडल के नित्थर, निरमंड, दलाश, चवाई, जलोड़ी, बिश्लाधार, जांजा, करसोग के छतरी, महोग, गवालपुर और शिमला जिले के कुमारसैन, कांगल, शिवान, कचीन घाटी, थानाधार, कोटगढ़ और रामपुर आदि क्षेत्रों से 15 से 18 हजार पेटियां पहुंच रही हैं।
एपीएमसी खेेगसू सेब मंडी के इंचार्ज मनोहर लाल शाक्या के अनुसार 3 जुलाई से अब तक सेब की 1 लाख 84 हजार 795 पेटी और नाशपाती की 29 हजार से अधिक पेटियां मंडी में पहुंच चुकी हैं। रोजाना 15 से 18 हजार पेटी मंडी में पहुंच रही हैं। उन्होंने बागवानों से आग्रह किया है कि मार्केट में सेब की ग्रेडिंग और पैकिंग अच्छी तरह से करें और बढ़िया तरीके से पका हुआ माल ही मार्केट में लाएं, जिससे उन्हें फसल के बेहतर दाम मिल सकें।
खेेगसू मंडी आढ़ती यूनियन के प्रधान ज्ञान ठाकुर के अनुसार सैंज से लूहरी होते हुए खेगसू मंडी तक पहुंचने वाली सड़क बहुत ही संकरी है। ऐसे में इन दिनों यहां पर वाहनों की अधिक आवाजाही होने के चलते ज्यादातर समय जाम की समस्या बनी रहती है। खासकर सेब सीजन के दौरान मंडी के लिए बड़े ट्रकों, ट्रॉलों का आना लगा रहता है, जिससे उन्हें भारी जोखिम का सामना करना पड़ता है। सैंज और खेगसू के बीच सड़क हादसे भी आम हो गए हैं। खेगसू मंडी में पार्किंग के साथ सेब को अस्थायी तौर पर स्टोर करने के लिए भी जगह का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की भी मांग की है।