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रोहडू की सब्जी मंडी में एक दर्जन से अधिक आढती कर रहे बिना लाईसेंस कारोबार

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रोहड़ू। बागवानों के साथ हो रहे धोखाधड़ी को रोकने के सरकारी दावों की हवा निकल गई है। रोहड़ू में सड़क किनारे दर्जनों आढ़ती बिना लाइसेंस लिए करोड़ों का सेब कारोबार कर रहे हैं। एपीएमसी उनसे बाकायदा मंडी समिति की फीस वसूल कर रही है। रोहड़ू की सब्जी मंडी में इस सेब सीजन में सौ से अधिक आढ़ती कारोबार कर रहे हैं। करीब एक दर्जन से अधिक आढ़तियों के लाइसेंस नहीं हैं। इनमें से कुछ बागवानों के पुराने डिफॉल्टर हैं। बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले आढ़ती सेब सीजन के लिए लोगों को निजी भूमि पर दुकानें खोल कर करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं। एपीएमसी के अधिकारी उनसे लाखों रुपये की मार्के टिंग फीस वसूल कर रहे हैं। लाइसेंस की जांच के लिए एपीएमसी के अधिकारी कृषि विभाग को अधिकृत मानते है। हालांकि नियम के अनुसार एपीएमसी ही लाइसेंस जारी करने के लिए कृषि विभाग को एनओसी जारी करता है।
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अब किसान सभा इस मामले को उठाने वाली है। किसान सभा के संयोजक सुखदेव चौहान के अनुसार रोहड़ू की मंडी में दर्जन से अधिक आढ़ती बिना लाइसेंस के काम कर रहे हैं। बागवानों की सुरक्षा के सरकारी दावे खोखले हैं। यदि कार्रवाई नहीं की गई तो बागवानों के साथ हो रही ठगी के लिए एपीएमसी के अधिकारी और सरकार जिम्मेवार होगी।
रोहड़ू सब्जी मंडी में तैनात एपीएमसी की मार्केटिंग सुपरवाइजर मंजू बाला के अनुसार एपीएमसी की मंडी के भीतर सभी दुकानदारों के पास लाइसेंस है। बाहर ढारों और प्राइवेट दुकानों में जो कारोबार कर रहे हैं उनकी जानकारी नहीं है। बाहर कारोबार कर रहे आढ़तियों से मंडी समिति फीस जरूर वसूल करती है। एनओसी भी एपीएमसी जारी करता है लेकिन लाइसेेंस को कृषि विभाग बनाता है। इसलिए जांच की जिम्मेवारी कृषि विभाग की रहेगी।
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