दलाश (कुल्लू)। छुपी बोली वर्जित करने के बाद भी आढ़ती अपने मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। क्षेत्र की खेगसू फल मंडी में बागवानों से सरेआम ठगी का खेल चल रहा है। पहले ही मौसम की मार बागवानों पर पड़ी है। मंडी में रुमाल और तौलिये के नीचे छुपी बोली लगाने का दौर शुरू हो गया है। इससे बागवानों को सेब के मनमाफिक दाम नहीं मिल रहे हैं। बागवानों को पता ही नहीं चल रहा कि कौन कितनी बोली लगा रहा है। आढ़ती और खरीदार तौलिये और रुमाल के नीचे हाथ रखकर बोली लगा रहे हैं। यह बोली कोड वर्ड में लगती है। बागवानों से लूट न हो, इसके लिए इस तरह की बोली पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का दावा सरकार ने किया है लेकिन खेगसू सब्जी मंडी में इन दावों की आढ़तियों ने हवा निकाल दी है। हर साल इस तरह का खेल बागवानों के साथ खेला जा रहा है। बावजूद इस पर रोक नहीं लग पा रही है। इससे बागवानों को चूना लग रहा है। मेहनत के अनुसार सेब का दाम न मिलने से बागवानों में रोष है।
खेगसू सब्जी मंडी में इस तरह की बोली लगाकर बागवानों से सरेआम ठगी की जा रही है। सेब आढ़ती और खरीदार तौलिए के नीचे हाथ रखकर कोडवर्ड में सेब की दरें तय कर रहे हैं। सामने खड़े बागवानों को पता ही नहीं चल पाता है कि तौलिये और रुमाल के नीचे क्या सौदा तक किया गया है। बागवानों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ ठगी की जा रही है। इस तरह की बोली पर प्रतिबंध लगना चाहिए, ताकि बागवानों को सेब के सही दाम मिल सके।
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सेब बेचने खेगसू पहुंचे बागवान शमशेर सिंह, चुनी लाल और अन्य बागवानों ने कहा कि तौलिये के नीचे हाथ रखकर बागवानों के सेब का दाम तय किया जा रहा है। यह सरासर गलत है। उन्होंने प्रशासन और एपीएमसी से मांग की है कि इस तरह की बोली पर तुरंत रोक लगाई जाए।
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एपीएमसी कुल्लू, लाहौल-स्पीति के चेयरमैन अमर ठाकुर ने बताया कि अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि ऐसा हो रहा है तो उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बागवानों के साथ ठगी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पर कार्रवाई की जाएगी।