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बागवानों के साथ फिर आढतियों की लूट कोरी साबित हो रहे सरकारी दावे

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रोहडू। सब्जी मंडी रोहडू में बागवानों से लूट शुरू हो गई है। एक माह पहले सरकारी की ओर से किए गए दावे हवा हो गए हैं। बाहर से आने वाले आढ़तियों और लदानियों का पंजीकरण अभी तक शुरू नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि प्रदेश की अन्य मंडियों में भी ये मनमानी जारी है। रोहडू सब्जी मंडी में यदि सेब की अधिकतम बोली दो हजार रुपये प्रति पेटी लगी तो छोटे आकर के सेब की पेटी का दाम बीस से तीस प्रतिशत कम दर पर बागवानों को भुगतान हो रहा है। जबकि, प्रदेश की अन्य मंडियों में ऐसा कोई नियम अभी तक लागू नहीं है। बागवानों को लूट से बचाने के लिए एपीएमसी ने एक महीने पहले सेब खरीद के लिए बाहर से आने वाले लदानियों का पंजीकरण अनिवार्य किया था। स्थानीय प्रशासन को भी इसकी सूचना देनी जरूरी थी। रोहडू में हर दिन सैकड़ों पेटियां सेब का कारोबार हो रहा है। अभी तक एक भी लदानी का पुलिस और एपीएमसी के पास पंजीकरण नहीं हुआ। हर बार सेब सीजन में आढ़ती बागवानों के लाखों रुपये डकार जाते हैं। बागवान सुरेंद्र ठाकुर, प्रमाद चौहान, बीएस ठाकुर, सुशील चौहान ने कहा कि मंडियों में बीस से तीस प्रतिशत दर से कटौती करने वाले आढ़तियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस साल सेब का आकार पहले ही कम है।
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प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड की रोहडू मंडी में तैनात सुपरवाइजर मंजू बाला ने कहा रोहडू मंडी में सेब की बिक्री पर बीस से तीस प्रतिशत दर की कटौती किए जाने की उनके पास कोई जानकारी नहीं है। कार्यालय सब्जी मंडी के भीतर है। उन्होंने कहा बाहर से आने वाले लदानियों के पंजीकरण का मामला भी उनके पास नहीं रहता। उनके पास एपीएमसी की ओर से ऐसे कोई निर्देश नहीं हैं।
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प्रदेश फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि केवल रोहडू मंडी से आढ़तियों से तीस फीसदी कम दर से सेब खरीदारी की जानकारी मिली है। प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड को इसकी शिकायत की जा रही है। फोन पर उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी जा चुकी है। यदि आढ़ती बंद नहीं करते तो उनके लाइसेंस रद करने के लिए सरकार से मांग की जाएगी। उन्होंने कहा लदानियों का पंजीकरण भी नहीं हो रहा। सेब सीजन के बाद आढ़ती लदानियों के फरार होने का बहाना बना कर बागवानों के रुपये डकार जाते हैं। सरकार ने पहले की पंजीकरण के निर्देश दिए हैं। इस पर कोई ने कार्रवाई नहीं की तो बागवान सड़क पर उतरने को तैयार है।
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