सेब खरीद के लिए खोले हैं 13 केंद्र, जाओं केंद्र में 458 बोरियां सड़ कर खराब
बागवानों को लग रही चपत, दो लाख सेब पेटियों पर भी मंडरा रहा संकट
भारी बरसात ने अधिकांश सड़कों को किया ध्वस्त
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। भारी बरसात ने आनी विधानसभा क्षेत्र में सेब बागवानों की चिंता और बढ़ा दी है। लगातार बारिश से अधिकांश ग्रामीण सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण एचपीएमसी के विभिन्न खरीद केंद्रों में रखी 18,759 सेब बोरियां समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। वहीं, बागवानों की करीब दो लाख सेब पेटियों पर संकट मंडरा रहा है। सड़कों की बहाली में कितना समय लगेगा, यह कहना मुश्किल है।
एचपीएमसी ने इस सीजन में सेब खरीद के लिए कुल 13 केंद्र खोले हैं। अब तक 32,022 बोरियों की खरीद हो चुकी है, जिनमें से 12,805 बोरियां परवाणू भेजी जा चुकी हैं। हालांकि शेष सेब की बोरियां अब अलग-अलग केंद्रों में फंसी हुई हैं। इनमें से 458 बोरियां सड़ कर खराब हो चुकी हैं, जिससे बागवानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
वहीं, एचडीओ कुशाल वर्मा ने बताया कि विभिन्न केंद्रों पर सेब बोरियां फंसी हुई हैं। दलाश केंद्र में 1,632, चलोनधार में 1,840, चवाई में 4,280, चौहनी में 943, चिमनी कैंची में 107, दुशा में 1,128, जाओं में 320, तांदी में 1,230, बारवी में 5,023, कोटासेरी में 1,513 और कुंगश में 743 बोरियां हैं। इनमें से जाओं केंद्र की 458 बोरियां पूरी तरह से खराब हो गई हैं।
वर्मा ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी डेढ़ से दो लाख पेटियां या तो खेतों में भरी हुई पड़ी हैं या फिर तुड़ान के इंतजार में हैं। यदि मौसम की स्थिति और सड़क बहाली में सुधार नहीं हुआ तो बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।