. प्रतिस्पर्धी खरीद दरें सार्वजनिक न होने से प्रदेश के बागवानों में असमंजस की स्थिति
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. संघ ने सरकार से पारदर्शी और लिखित खरीद दरें तत्काल सार्वजनिक करवाने की मांग की संवाद न्यूज एजेंसी ठियोग (रामपुर बुशहर)। हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादक संघ ने सीए कंपनियों की ओर से सेब खरीद की दरें समय पर स्पष्ट रूप से घोषित न किए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। बड़ी सीए कंपनियों की ओर से प्रतिस्पर्धी खरीद दरें सार्वजनिक न होने से प्रदेश के बागवानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संघ ने सरकार से पारदर्शी और लिखित खरीद दरें तत्काल सार्वजनिक करवाने की मांग की है।
संघ के अध्यक्ष सोहन ठाकुर और सचिव पूर्ण ठाकुर ने संयुक्त बयान में कहा कि अदानी, बीजा, देवभूमि और इंद्रप्रस्थ सहित अन्य सीए कंपनियों ने खरीदारों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इससे प्रदेश के बागवानों में अनिश्चितता बढ़ गई है। बायल में देवभूमि की ओर से करीब 105 रुपये प्रति किलो का अनौपचारिक रेट खोले जाने की चर्चा है। वहीं, अपेक्षाकृत छोटी कंपनी बिगबास्केट ने करीब 118 रुपये प्रति किलो का रेट घोषित किया है। संघ ने इस तरह की स्थिति को पारदर्शिता के लिहाज से अनुचित बताया है। सोहन ठाकुर और पूर्ण ठाकुर ने आरोप लगाया कि यदि बड़ी कंपनियां कम शुरुआती दरें रखकर एक-दूसरे की दरों का इंतजार करती हैं, तो इसका सीधा नुकसान सेब उत्पादकों को होगा। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी दर नीति से मंडी में सेब के दाम प्रभावित हो सकते हैं। इससे बागवानों पर कम कीमत पर अपनी उपज बेचने का दबाव बन सकता है। संघ ने कहा कि यह स्थिति बाजार की पारदर्शिता के लिए ठीक नहीं है। बड़ी कंपनियों की ओर से स्पष्ट दरें घोषित न करने से बाजार में भ्रम की स्थिति है। संघ ने प्रदेश सरकार और बागवानी विभाग से मामले की तत्काल जांच करने की मांग की है। उन्होंने सीए कंपनियों से पारदर्शी और लिखित खरीद दरें सार्वजनिक करवाने को कहा है। संघ ने बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी से भी हस्तक्षेप करने की अपील की है। यह सुनिश्चित किया जाए कि सीए कंपनियों के बीच किसी प्रकार का आपसी तालमेल या अस्पष्ट दर नीति से सेब बाजार प्रभावित न हो। संघ चाहता है कि बागवानों को उनकी उपज का उचित, प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी बाजार मूल्य मिले।