रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से टेट और डीएलएड की फीस में वृद्धि करने वाला निर्णय निंदनीय है। यह युवाओं के साथ अन्याय है। टेट की फीस सरकार ने सीधे दोगुना कर दी गई है। अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए पहले जो फीस 800 रुपये थी, अब उसे 1,600 रुपये कर दिया गया है यह बात अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य प्रदीप ठाकुर कही।उन्होंने बताया कि ओबीसी, एससी और एसटी के अभ्यर्थियों को पहले 500 रुपये देने पड़ते थे, अब उन्हें 1,000 रुपये फीस देनी पड़ेगी। एक तरफ प्रदेश सरकार शिक्षा में विद्यार्थियों को सुविधा और गुणवत्ता की बात करती है और दूसरी तरफ फीस में वृद्धि करके छात्रों को लूटा जा रहा है। विद्यार्थी परिषद इस निर्णय का कड़ा विरोध करती है। प्रदेश सरकार से मांग है कि विद्यार्थियों के हित में इस निर्णय को शीघ्र वापस लिया जाए। सरकार अगर इस निर्णय को वापस नहीं लेती है तो विद्यार्थियों के साथ मिलकर विरोध करेंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।