वेतन की अदायगी न होने के कारण बिगड़ा घर का बजट
महंगाई के दौर में परेशानियां झेलने को मजबूर
सरकार और विभाग से वेतन मुहैया करवाने की लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सहित रामपुर उपमंडल के मिनी आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत कार्यकर्ताओं को अप्रैल माह से वेतन नहीं मिला है। करीब नौ माह से वेतन न मिलने के कारण कार्यकर्ताओं के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। समय पर वेतन की अदायगी न होने से आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं। गौर हो कि जिन क्षेत्रों में 350 से अधिक जनसंख्या है, उन क्षेत्रों में मिनी आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं। इसमें एक ही कार्यकर्ता अपनी सेवाएं देती हैं। इसके तहत रामपुर उपमंडल में 15 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं। गानवी के सुरू, कूट, ज्यूरी में बईबाग, सराहन में कामदली, कुरगू, नई कूपर, रामपुर में निचला डकोलढ़, सरलापरोग, गोपालपुर में गूरी, स्याना गौरा, डंसा में खून्ना, तकलेच में खिंचा, बरकल में कमसारी, जूआई और शिल्परोग में खोले गए हैं। इनमें से चार केंद्रों बईबाग, निचला डकोलढ़, सरलापरोग और स्याना गौरा को अपग्रेड कर आंगनबाड़ी केंद्र बनाया गया है, लेकिन 11 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र, जिन्हें अभी तक अपग्रेड नहीं किया है, उन्हें पिछले अप्रैल माह से वेतन नहीं मिला है। इसके कारण कार्यकर्ताओं को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में सिर्फ महिला के वेतन से ही चूल्हा जलता है। वेतन न मिलने से महिलाओं का घर चलाना मुश्किल हो गया है। बढ़ती महंगाई में वेतन न मिलने से मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खासी परेशान हैं। उधर, बाल विकास परियोजना अधिकारी रामपुर शशि ठाकुर ने कहा कि सेंटर से ही मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वेतन दिया जाता है। कई मिनी आंगनबाड़ी केंद्र को अपग्रेड कर दिया गया है। सेंटर का जो भी निर्णय होगा, उसका पालन किया जाएगा। - संवाद