कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। कुमारसैन की कोटीघाट पंचायत की अनाया कौशल अपनी दमदार आवाज, आत्मविश्वास और शानदार मंच संचालन से हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ देश के कई राज्यों में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। अनाया हिमाचल प्रदेश ही नहीं उत्तराखंड, पंजाब, चंडीगढ़, नोएडा और दिल्ली में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में मंच संचालन कर चुकी हैं। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर बड़े शहरों के मंचों तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन मेहनत, निरंतर अभ्यास और अपने हुनर पर विश्वास के चलते उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। अनाया ने प्रारंभिक शिक्षा कोटीघाट में दसवीं कक्षा तक प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सोलन से आगे की शिक्षा हासिल की और कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। अनाया के पिता रामदास और माता रीना देवी किसान हैं। अनाया अपने माता-पिता को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा मानती हैं। उन्होंने बचपन से ही अपने माता-पिता को कठिन परिस्थितियों में मेहनत और संघर्ष करते देखा। इसी संघर्ष ने उनके भीतर भी आगे बढ़ने और अपने लिए अलग पहचान बनाने का जज्बा पैदा किया। बचपन से ही अनाया को मंच और सांस्कृतिक गतिविधियों से विशेष लगाव रहा। कोटीघाट की गलियों से निकलकर देश के बड़े मंचों तक पहुंची अनाया कौशल की कहानी क्षेत्र की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। अनाया ने साबित किया है कि सफलता के लिए बड़े शहर में जन्म लेना जरूरी नहीं, बल्कि बड़े हौसले, मेहनत और हुनर के साथ आगे बढ़ने का जज्बा जरूरी है।