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Rampur Bushahar News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा

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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने सुनाया फैसला
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गर्भावस्था जांच में हुआ उजागर हुआ था मामला, डीएनए टेस्ट में दोषी निकला बायोलॉजिकल पिता
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने बुधवार को किन्नौर जिला की तहसील कल्पा के पांगी निवासी आरोपी 32 वर्षीय ललित मोहन को सजा सुनाई। उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि बाल पीड़िता जो 2022 में 14 वर्ष की थी और नौवीं कक्षा में पढ़ रही थी। नवंबर 2022 में बाल पीड़िता अपनी सहेलियों के साथ दोपहर के भोजन के वक्त स्कूल मैदान में बैठी थी, तो उसी समय आरोपी वहां आया और उन सबको घुमाने के लिए अपनी गाड़ी में ले गया। गाड़ी में दो व्यक्ति पहले से ही बैठे थे। थोड़ा आगे जाने के बाद आरोपी ने पीड़िता छोड़कर अन्य को गाड़ी से बाहर उतार दिया। वह गाड़ी को काशंग नाला में ले गया और गाड़ी में ही पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने इस बारे में किसी को नहीं बताया। दिसंबर 2022 में पीड़िता को पेट में दर्द हुआ, तो उसकी माता उसे अस्पताल ले गई। जहां पर पीड़िता का प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। इस पर चिकित्सक ने पुलिस को सूचित किया। माता के पूछने पर पीड़िता ने सारी बात बताई और इस पर थाना रिकांगपिओ में केस दर्ज किया गया। डीएनए टेस्ट में आरोपी बाल पीड़िता के पेट में पाए गए भ्रूण का बायोलॉजिकल पिता साबित हुआ। अदालत ने सभी साक्ष्य डीएनए परिणाम को मध्यनजर रखते हुए आरोपी को 20 वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सरकार की ओर से मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।
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