अभियोजन पक्ष उचित संदेह से परे अपना मामला साबित करने में विफल रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने रामपुर में 2016 के एक सड़क दुर्घटना मामले में आरोपी को बरी किया है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ उचित संदेह से परे अपना मामला साबित करने में विफल रहा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 14 अप्रैल 2016 को राजेंद्र कुमार तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहे थे, जिससे शिव मंदिर के पास दुर्घटना हुई। इस दुर्घटना में शिकायतकर्ता पूरन चंद समेत कई लोग घायल हुए। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी और जांच के बाद अदालत में चालान पेश किया था। मामले में शिकायतकर्ता सहित दो मुख्य गवाह थे। दोनों दुर्घटना के समय वाहन में मौजूद थे और घायल भी हुए थे। हालांकि, अदालत में अपने बयानों के दौरान, दोनों गवाह अभियोजन पक्ष के मामले से पलट गए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना राजेंद्र कुमार की तेज गति या लापरवाही से नहीं हुई थी, बल्कि सड़क पर अचानक आवारा पशुओं के आ जाने के कारण हुई थी। इन गवाहों को अभियोजन पक्ष की ओर से शत्रुतापूर्ण घोषित किया गया और लंबी जिरह की गई, लेकिन उनके बयानों से अभियोजन पक्ष के पक्ष में कुछ भी नहीं निकला। अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपी के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। हालांकि, अदालत ने पाया कि जांच अधिकारी ने विशेष रूप से यह नहीं बताया कि आरोपी से ड्राइविंग लाइसेंस की मांग की गई थी। अदालत ने अन्य साक्ष्यों को भी आरोपी के अपराध को साबित करने के लिए अपर्याप्त पाया। इन कारणों से, अदालत ने राजेंद्र कुमार को सभी आरोपों से बरी कर दिया।