अदालत ने कहा, अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में रहा नाकाम
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रामपुर बुशहर। 106 ग्राम अफीम बरामदगी के मामले में रोहड़ू की विशेष अदालत ने आरोपी अर्जुन पाल को बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और गवाहों के बयानों में विरोधाभास पाए जाने के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर पाया। अभियोजन के अनुसार, 27 नवंबर 2024 को पुलिस टीम रोहड़ू क्षेत्र में गश्त पर थी। शाम करीब 4:05 बजे पुलिस ने पुल के पास एक व्यक्ति को काले पॉलिथीन पैकेट के साथ पकड़ा। उसकी पहचान अर्जुन के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, पैकेट की जांच करने पर 20 छोटी पुड़ियों में 108 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। बाद में इन्वेंटरी प्रक्रिया के दौरान इसका वजन 106 ग्राम पाया गया। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 के तहत केस दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि घटनास्थल पर कार्रवाई को लेकर पुलिस गवाहों के बयानों में विरोधाभास थे। एक गवाह ने बताया कि आरोपी को पकड़ने वाली जगह पर कोई दस्तावेज तैयार नहीं किया गया, जबकि दूसरे गवाह के बयान में अलग स्थिति सामने आई। इसके अलावा, अफीम की पहचान और वजन दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर भी पुलिस गवाह के बयान और दस्तावेज में अंतर पाया गया। अदालत ने इन विरोधाभासों को अभियोजन के मामले के लिए महत्वपूर्ण मानते हुए कहा कि आरोप संदेह से परे साबित नहीं हुए हैं। इसके आधार पर आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 18 के तहत आरोप से बरी कर दिया गया।